Congress MGNREGA protest: कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, उपवास से लेकर विधानसभाओं के घेराव तक
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Congress MGNREGA protest, मनरेगा योजना में किए गए हालिया बदलावों और योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने व्यापक जनआंदोलन का ऐलान किया है। “मनरेगा बचाओ संग्राम” के नाम से शुरू हो रहा यह अभियान शनिवार से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।
MGNREGA controversy अभियान की शुरुआत शुक्रवार को जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ की जाएगी, जिसमें कांग्रेस नेता मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। इसके अगले दिन 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया जाएगा। यह उपवास महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समीप आयोजित किया जाएगा, जिसमें पार्टी पदाधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि और मनरेगा श्रमिक शामिल होंगे।
MGNREGA controversy, इसके बाद 12 जनवरी से 29 जनवरी तक अभियान का दायरा गांवों तक फैलाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तरीय चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को मनरेगा में हुए बदलावों की जानकारी दी जाएगी और श्रमिकों की आवाज को मजबूती दी जाएगी।
आंदोलन का अगला चरण 31 जनवरी से 6 फरवरी तक चलेगा, जिसमें हर जिले में मनरेगा बचाओ धरना दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के नेतृत्व में विधानसभा घेराव की रणनीति भी तैयार की गई है।
MGNREGA controversy, अभियान के समापन पर कांग्रेस की राष्ट्रीय इकाई (AICC) द्वारा देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बड़ी क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा, जहां मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा हमला किया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और रोजगार की सुरक्षा की लड़ाई है।
