कलेक्टर की दो-टूक: पीएम आवास निर्माण में लाएं तेजी, जल संरक्षण और स्वरोजगार को बनाएं प्राथमिकता…NV News

Share this

जिला मुख्यालय: कलेक्टर ने आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), जल संरक्षण और ग्रामीण स्वरोजगार को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश:

पीएम आवास (PMAY) में प्रगति: कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिन हितग्राहियों के आवास निर्माण अधूरे हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने तकनीकी सहायकों और सचिवों को फील्ड पर जाकर नियमित मॉनिटरिंग करने और किस्तों के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा।

जल संरक्षण पर फोकस: गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर ने ‘अमृत सरोवर’ और ‘नरवा विकास’ कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आगामी मानसून से पहले जल सोखता गड्ढों, चेक डैम और तालाबों के गहरीकरण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके।

ग्रामीण स्वरोजगार (NRLM): बिहान (NRLM) के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए।

मनरेगा (MGNREGA): मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मानव दिवस (Man-days) सृजित करने और समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक सख्तियाँ:

कलेक्टर ने उन पंचायतों के प्रति नाराजगी जाहिर की जहाँ योजनाओं की प्रगति धीमी है। उन्होंने संबंधित जनपद सीईओ (CEO) को निर्देशित किया कि लक्ष्य पूरा न करने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जाए।

Share this

You may have missed