डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल में खुली ‘आधुनिक स्पेस लैब’, कलेक्टर ने बच्चों के साथ समझे ब्रह्मांड के रहस्य…NV News

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राजनांदगांव: सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) की पढ़ाई के लिए केवल किताबों पर निर्भर नहीं रहना होगा। राजनांदगांव के ऐतिहासिक डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल में जिला प्रशासन के सहयोग से एक आधुनिक स्पेस लैब स्थापित की गई है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने इस लैब का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और इसे स्कूली शिक्षा में एक ‘गेम चेंजर’ बताया।

स्पेस लैब की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं:

3D मॉडल्स और वर्चुअल रियलिटी: लैब में सौर मंडल, रॉकेट इंजन और सैटेलाइट्स के अत्याधुनिक वर्किंग मॉडल्स लगाए गए हैं।

टेलीस्कोप की सुविधा: छात्रों को रात के आकाश और ग्रहों का अवलोकन करने के लिए उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप उपलब्ध कराए गए हैं।

इसरो (ISRO) से प्रेरणा: लैब की दीवारों और मॉडल्स को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की उपलब्धियों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, ताकि बच्चे भारत के गौरवशाली अंतरिक्ष इतिहास को समझ सकें।

प्रयोगात्मक शिक्षा: यहाँ बच्चे खुद रॉकेट लॉन्चिंग के सिद्धांतों और खगोल विज्ञान के जटिल नियमों को प्रयोगों के जरिए सीख पाएंगे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का संदेश:

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने छात्रों से बातचीत की और उनसे सौर मंडल से संबंधित कई सवाल पूछे। बच्चों के सटीक जवाबों से प्रभावित होकर उन्होंने कहा:

“यह लैब केवल एक कमरा नहीं है, बल्कि हमारे बच्चों के सपनों की उड़ान का केंद्र है। सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अब नासा (NASA) और इसरो (ISRO) जैसे संस्थानों में जाने का सपना देख सकेंगे और उसे सच कर पाएंगे।”

नवाचार से बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर

इस स्पेस लैब की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के बच्चों में विज्ञान (STEM) के प्रति रुचि जगाना है। जिला प्रशासन अब जिले के अन्य प्रमुख आत्मानंद और सरकारी स्कूलों में भी इसी तरह की लैब स्थापित करने की योजना बना रहा है।

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