Coal Mine Violence: SECL गेवरा परियोजना में कोयला लिफ्टिंग को लेकर दो कंपनियों के कर्मचारियों में हिंसक झड़प

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कोरबा। Coal Mine Violence, SECL की गेवरा परियोजना एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बन गई है। कोयला लिफ्टिंग को लेकर दो निजी कंपनियों के ठेका कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। यह पूरी घटना सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कोयला लिफ्टिंग विवाद ने लिया हिंसक रूप

SECL Gevra News, जानकारी के अनुसार, बीती रात गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग को लेकर केके इंटरप्राइजेज और केसीपीएल (KCPCL) कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि केके इंटरप्राइजेज से जुड़े कथित बाउंसरों ने केसीपीएल के कर्मचारियों पर हमला कर दिया। पहले तीखी बहस हुई और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई शुरू हो गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

SECL Gevra News, हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना वहां तैनात सुरक्षा बलों के सामने हुई, लेकिन किसी ने भी तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक पक्ष के कर्मचारी दूसरे पक्ष के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं।

कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल

SECL Gevra News, इस हमले में केसीपीएल के कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद खदान परिसर में काम करने वाले अन्य मजदूरों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।

दीपका थाना में मामला दर्ज, जांच शुरू

SECL Gevra News, घटना की शिकायत दीपका थाना में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।

पुरानी घटनाओं की याद दिला रही गेवरा की हिंसा

SECL Gevra News, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पाली क्षेत्र में पिछले साल हुए उस खूनी संघर्ष की याद दिलाती है, जिसमें एक ट्रांसपोर्टर की जान चली गई थी। गेवरा-दीपका क्षेत्र में कोयला लिफ्टिंग को लेकर लगातार बढ़ते तनाव ने पुलिस और प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों पर भी दबाव, कामकाज प्रभावित

SECL Gevra News, सूत्रों के मुताबिक, गेवरा परियोजना में पदस्थ एसईसीएल के अधिकारी और कर्मचारी भी निजी कंपनियों के आपसी विवाद से बेहद असहज हैं। इस तरह की घटनाओं से न केवल खदान की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है, बल्कि कोयला प्रेषण और परियोजना की साख पर भी असर पड़ रहा है।

नहीं है पुलिस-प्रशासन का डर

SECL Gevra News, बताया जा रहा है कि कोल लिफ्टिंग से जुड़े कुछ समूहों को सत्ता के गलियारों में बैठे रसूखदार नेताओं और कुछ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी में भी हमलावर इतने बेखौफ नजर आए। खदान के भीतर घुसकर खुलेआम मारपीट करना इस बात का संकेत है कि इन्हें न कानून का डर है और न ही प्रशासन का।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगा पाएगा, या फिर यह वर्चस्व की जंग किसी बड़ी हिंसक वारदात में तब्दील होगी।

 

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