CM साय का ‘प्रगति’ संवाद: बोले- ‘प्रगति पोर्टल नए भारत की कार्यसंस्कृति का प्रतीक’, लंबित परियोजनाओं को मिली रफ्तार…NV News

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म कोऑपरेटिव फेडरलिज्म (सहकारी संघवाद) का बेहतरीन उदाहरण है। इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारें एक ही मेज पर बैठकर जटिल मुद्दों का समाधान करती हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पोर्टल “भ्रष्टाचार मुक्त और परिणामोन्मुख शासन” की दिशा में एक बड़ा कदम है।

छत्तीसगढ़ को मिले ‘प्रगति’ के लाभ

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में इस पोर्टल के सकारात्मक प्रभावों का विवरण दिया:

भिलाई स्टील प्लांट का आधुनिकीकरण: प्रगति पोर्टल की नियमित निगरानी के कारण भिलाई इस्पात संयंत्र के विस्तार कार्यों में तेजी आई है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं।

अधोसंरचना विकास: राज्य की कई बड़ी रेल और सड़क परियोजनाएं, जो दशकों से अंतर-विभागीय समन्वय की कमी के कारण अटकी हुई थीं, अब समय सीमा के भीतर पूरी हो रही हैं।

ऊर्जा सुरक्षा: बिजली और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की बाधाओं को दूर कर प्रदेश की औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति दी गई है।

पोर्टल की तीन प्रमुख विशेषताएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल तीन स्तरों पर काम करता है, जो इसकी सफलता का आधार है:

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO): शीर्ष स्तर पर निगरानी और निर्णायक नेतृत्व।

केंद्रीय सचिव: विभागों के बीच समन्वय और तकनीकी अड़चनों का समाधान।

राज्यों के मुख्य सचिव: जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करना।

विकसित भारत @ 2047 का विजन

श्री साय ने कहा कि ‘प्रगति’ केवल परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता लाने का एक मिशन है। उन्होंने विश्वास जताया कि वास्तविक समय की निगरानी (Real-time monitoring) और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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