उफान पर नदियां, राह में घने जंगल: अचानमार में 4 किमी पैदल चलकर पहुंची डॉक्टरों की टीम, 110 वनवासियों का किया इलाज….NV News
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NV News मुंगेली/लोरमी, 10 अगस्त। अचानमार अभ्यारण्य के बेहद दूरस्थ और पहुंचविहीन गांव बिसौनी में इस विश्व आदिवासी दिवस पर स्वास्थ्य और जनसेवा की एक अद्वितीय इबारत लिखी गई। ‘प्रयास अ स्माल स्टेप फाउंडेशन’ और लोरमी स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल पर बिसौनी स्थित निःशुल्क वनवासी पाठशाला में भव्य स्वास्थ्य शिविर व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जननायक भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों ने अपनी पारंपरिक नृत्य कला का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस पूरे अभियान की सबसे अभूतपूर्व बात यह रही कि बारिश के चलते रास्ते बंद होने के बावजूद डॉक्टरों और समाजसेवियों का जज्बा नहीं डिगा। सर्जन डॉ. रूपेश साहू और चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बंजारा की अगुवाई में पूरी टीम ने उफनते नदी-नालों और पथरीले रास्तों को पार करते हुए 4 किलोमीटर की पैदल दूरी तय की और गांव पहुंची। टीम ने वहां मौजूद 70 मासूम बच्चों और 40 ग्रामीणों सहित कुल 110 लोगों की स्वास्थ्य जांच की तथा जरूरतमंदों को तुरंत निःशुल्क दवाइयां मुहैया कराईं।
चिकित्सकों ने ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी और किसी भी गंभीर समस्या पर तत्काल लोरमी या मुंगेली के सरकारी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी। दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य का यह दीप जलाने वाली संस्था के प्रयास को क्षेत्रभर में सराहा जा रहा है। संस्था का मानना है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों में आत्मविश्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा जगाना ही उनके सर्वांगीण विकास का मूल मंत्र है।

