रायपुर में स्कूलों के पास ‘नशा’ बेचने वालों पर नगर निगम का शिकंजा: भारी मात्रा में गुटखा-सिगरेट जब्त, संचालकों को अंतिम चेतावनी…NV News
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रायपुर जिला प्रशासन और नगर निगम ने आज शैक्षणिक संस्थानों के गरिमामय माहौल को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, नगर निगम के नगर निवेश विभाग के उड़न दस्ते ने जोन-4 के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों के आसपास संचालित पान दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के पास प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।
निगम की टीम ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ कॉलेज, संत कंवरराम स्कूल और हिंदू हाई स्कूल के आसपास के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया। निरीक्षण के दौरान कई पान दुकानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, जहाँ से भारी मात्रा में गुटखा, तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला के पाउच व पैकेट जब्त किए गए। शासन के कोटपा एक्ट (COTPA Act) के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने मौके पर ही इन सामग्रियों को जब्त कर दुकान संचालकों के खिलाफ पंचनामा तैयार किया और अवैध रूप से स्टॉक की गई सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की।
जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह व उनकी टीम की मौजूदगी में, सभी दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कोटपा एक्ट के नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री दंडनीय अपराध है। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि दोबारा स्कूलों के आसपास नशे की वस्तुओं का विक्रय पाया गया, तो दुकानों को सील करने और भारी जुर्माना लगाने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के बाद स्कूलों के आसपास अवैध रूप से ठेला लगाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है। रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार, यह विशेष अभियान शहर के अन्य जोन में भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि वे आसपास ऐसी गतिविधियों की जानकारी निगम को दें। इस सक्रियता से न केवल शिक्षण संस्थानों के पास का वातावरण शुद्ध होगा, बल्कि नई पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में भी मदद मिलेगी।
