मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: कल छत्तीसगढ़ में गूँजेगी शहनाई, एक साथ दाम्पत्य सूत्र में बंधेंगे 6,412 जोड़े; नवा रायपुर में सीएम साय देंगे आशीर्वाद…NV News

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छत्तीसगढ़ में कल यानी 10 फरवरी 2026 का दिन हजारों बेटियों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशाल आयोजन में कुल 6,412 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह नवा रायपुर स्थित नवीन राज्योत्सव स्थल (अटल नगर) में आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं उपस्थित होकर नवदम्पतियों को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ देंगे।

​इस योजना के तहत प्रत्येक कन्या के विवाह हेतु राज्य सरकार द्वारा ₹50,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें से ₹35,000 की राशि सीधे वधू के बैंक खाते में बैंक ड्राफ्ट या डिजिटल ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है, ताकि वे अपने गृहस्थ जीवन की सुखद शुरुआत कर सकें। इसके अतिरिक्त, ₹7,000 की राशि से विवाहित जोड़ों के लिए मंगलसूत्र, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री और अन्य आवश्यक उपहार दिए जाते हैं, जबकि शेष ₹8,000 प्रति जोड़ा आयोजन की व्यवस्थाओं (पंडाल, भोजन और विधि-विधान) पर खर्च किया जाता है।

​आयोजन की तैयारियों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। नवा रायपुर के साथ-साथ बस्तर, सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी स्थानीय मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ये कार्यक्रम संपन्न होंगे। सामूहिक विवाह के माध्यम से सरकार न केवल गरीब परिवारों पर विवाह के आर्थिक बोझ को कम कर रही है, बल्कि समाज में दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ ‘सादा विवाह-सुखी जीवन’ का संदेश भी दे रही है।

​राज्योत्सव स्थल पर होने वाले भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन द्वारा जोड़ों के परिजनों के लिए बैठक, भोजन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक है, जिसने राज्य में अब तक हजारों निर्धन परिवारों की बेटियों का घर बसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कल का यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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