Higher Education News: छत्तीसगढ़ की निजी यूनिवर्सिटियों की जानकारी अब एक पोर्टल पर, डिग्री से प्लेसमेंट तक का रिकॉर्ड होगा उपलब्ध….NV News

Share this

NV News रायपुर, 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की दिशा में नई पहल की गई है। राज्यपाल रमेन डेका ने लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी महत्वपूर्ण और अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।

नए पोर्टल पर विश्वविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों, अकादमिक कैलेंडर, प्रवेशित विद्यार्थियों, अंकसूची, डिग्री और पिछले वर्षों के परीक्षा परिणाम जैसी जानकारियां उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क, अधिकारियों, विभिन्न समितियों और उनके सदस्यों तथा पीएचडी शोध निर्देशकों से संबंधित विवरण भी प्रदर्शित किया जाएगा।

पोर्टल को केवल शैक्षणिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें NEP-2020, NAAC प्रत्यायन, दूसरे विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, स्टार्टअप, जॉब ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कैंपस प्लेसमेंट और ई-लाइब्रेरी से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यार्थी और अभिभावक विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं रोजगार संबंधी गतिविधियों के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकेंगे।

शैक्षणिक स्वीकृति और रिक्त पदों की भी मिलेगी जानकारी

पोर्टल पर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वीकृतियों, कार्यरत पदों और रिक्त पदों से जुड़ा विवरण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने के साथ विद्यार्थियों को संस्थान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

यह पहल ऐसे समय में हुई है जब राज्यपाल निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों के हितों पर लगातार जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता सुधार, NAAC ग्रेडिंग, रोजगार की संभावनाओं वाले पाठ्यक्रमों और शोध की पारदर्शिता पर भी ध्यान देने को कहा था।

पारदर्शिता और निगरानी को मिलेगा बढ़ावा

नए पोर्टल का उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक रूप से अधिक सुलभ बनाना और नियामक व्यवस्था को मजबूत करना है। एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रम, परीक्षा, डिग्री, फीस, प्लेसमेंट, शोध और संस्थागत गतिविधियों की जानकारी मिलने से विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करना आसान हो सकता है।

Share this

You may have missed