44 डिग्री की तपिश में झुलसी छत्तीसगढ़ की राजधानी, प्रदूषण और कार्बन ने बढ़ाई चिंता…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है, जहाँ पारा 44 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू चुका है। झुलसा देने वाली गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो गई हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इस बढ़ती तपिश के पीछे केवल प्राकृतिक कारण ही नहीं, बल्कि मानवजनित कारक भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में तेजी से होते कंक्रीटीकरण, हरियाली की कमी और प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण कार्बन उत्सर्जन में भारी वृद्धि हुई है, जो शहर के तापमान को सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ा रही है। एयर कंडीशनर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग से निकलने वाली गर्म हवा भी शहर के वातावरण को ‘भट्ठी’ में बदलने में सहायक साबित हो रही है, जिससे रात का तापमान भी कम नहीं हो पा रहा।
बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के इस संकट से निपटने के लिए अब अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता है। आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, भरपूर पानी पिएं, ढीले और सूती कपड़े पहनें और घर से बाहर निकलते समय सिर को ढंककर रखें। अगर स्वास्थ्य में थोड़ी भी असुविधा महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। अपनी दिनचर्या में बदलाव करके ही हम इस भीषण गर्मी और जलवायु परिवर्तन के असर से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
