CGPSC 2026: ‘तितरी-लेरकी’ और ‘रायपुर षड्यंत्र’ के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया, कठिन रहा आर्थिक सर्वेक्षण का डेटा…NV News

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रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 आज संपन्न हुई। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहाँ सामान्य अध्ययन (GS) का पेपर संतुलित बताया जा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के इतिहास और आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़े ‘डेप्थ’ वाले सवालों ने अच्छे-अच्छों का पसीना छुड़ा दिया।

अभ्यर्थियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ी संस्कृति और इतिहास से जुड़े ‘तितरी-लेरकी’ जैसे शब्दों और ‘रायपुर षड्यंत्र केस’ के सूक्ष्म घटनाक्रमों पर आधारित सवालों ने काफी भ्रमित किया। इसके अलावा, राज्य के आर्थिक आंकड़ों (Economic Data) से पूछे गए सवालों में दशमलव के बाद की बारीकियों ने भी हल करने में मुश्किलें पैदा कीं।

इन सवालों ने बढ़ाई मुश्किल

तितरी-लेरकी: छत्तीसगढ़ी आभूषणों या लोक संस्कृति से संबंधित इस प्रश्न के विकल्पों ने परीक्षार्थियों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।

रायपुर षड्यंत्र केस (1942): इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से घटनाओं के सटीक क्रम और क्रांतिकारियों के नामों को लेकर बेहद बारीक सवाल पूछे गए थे।

आर्थिक सर्वेक्षण: सकल घरेलू उत्पाद (GSDP), कृषि वृद्धि दर और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बजट आबंटन से जुड़े डेटा आधारित सवालों का स्तर काफी ऊंचा रहा।

विशेषज्ञों की राय और संभावित कट-ऑफ

परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पेपर का पैटर्न ‘मॉडरेट से टफ’ (Moderate to Tough) की श्रेणी में रहा।

“पीएससी अब केवल ऊपरी जानकारी नहीं, बल्कि विषयों की गहरी समझ और सटीक डेटा की मांग कर रहा है। रायपुर षड्यंत्र केस जैसे विषयों पर पूछे गए सवालों से स्पष्ट है कि अब केवल रटकर परीक्षा पास करना मुश्किल है।”

विशेषज्ञों के अनुसार, पेपर की जटिलता को देखते हुए इस बार संभावित कट-ऑफ पिछली बार की तुलना में थोड़ा कम रहने की उम्मीद है। हालांकि, सटीक विश्लेषण आधिकारिक ‘मॉडल आंसर की’ (Model Answer Key) आने के बाद ही किया जा सकेगा।

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