“CGMSC Corruption”: मोक्षित कॉर्पोरेशन पर ED की दबिश, अधिकारियों में मचा हड़कम…NV News

Share this

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए 411 करोड़ रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। मोक्षित कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

कमलकांत पाटनवार के घर ईडी की दबिश :

ईडी की टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के तकनीकी महाप्रबंधक कमलकांत पाटनवार के रायपुर के भाटागांव स्थित निवास पर छापा मारा। सुबह-सुबह ईडी की टीम पहुंची और पूरे घर को चारों तरफ से घेर लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दिया गया।

दवा व उपकरण आपूर्तिकर्ताओं में मचा हड़कंप:

इस कार्रवाई से प्रदेश में दवा और स्वास्थ्य उपकरण आपूर्ति से जुड़े कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है। कारोबारी वर्ग अब जांच के दायरे में आने से चिंतित हैं।

खरीदी में 500 करोड़ की हेराफेर:

जांच एजेंसियों का कहना है कि दवा खरीदी का अनुबंध तय होने के बाद आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग और CGMSC के अधिकारियों से मिलीभगत कर लगभग 500 करोड़ रुपये की हेराफेरी की हैं।

घोटाले में आए ,पांच अधिकारियो के नाम:

• वसंत कौशिक (महाप्रबंधक)

• डॉ. अनिल परसाई (डिप्टी डायरेक्टर, स्वास्थ्य विभाग)

• शिरौंद्र रावटिया

• कमलकांत पाटनवार

• दीपक बांधे

पांचों को 7 दिन पहले ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेजा गया था।

मोक्षित कॉर्पोरेशन पर आरोप: 

मोक्षित कॉर्पोरेशन पर आरोप है कि उसने CGMSC के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी आपूर्ति आदेश, बिलों में हेरफेर, और बिना आपूर्ति के भुगतान किए हैं।

क्या है CGMSC घोटाला ?

CGMSC, राज्य सरकार की एक एजेंसी है जो सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं और स्वास्थ्य सामग्री की खरीदारी करती है। यह भी दावा है कि 2019 से 2023 के बीच इस एजेंसी के जरिए दवाओं और उपकरणों की खरीदी में भारी भ्रष्टाचार हुआ।

भारी मात्रा में जब्त हुए सामग्री:

• कई महंगे दस्तावेज

• डिजिटल डाटा (लैपटॉप, हार्डड्राइव)

• संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के कागजात भी जब्त किया गया हैं।   इनका फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा।

ईओडब्ल्यू (EOW) की रिपोर्ट:

बता दें,इस मामले में राज्य की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने प्राथमिकी दर्ज पहले ही कर दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने बिना गुणवत्ता परीक्षण के दवाओं की आपूर्ति दिखाई और भारी मात्रा में भुगतान लिया।

Share this