CG Train Accident: मेमू–मालगाड़ी टक्कर: मृतकों की संख्या 15 पहुंची, 45 दिन बाद घायल ने तोड़ा दम
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बिलासपुर। पिछले महीने 4 नवंबर को हुए भीषण मेमू ट्रेन और मालगाड़ी हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए बिल्हा निवासी तुलाराम अग्रवाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तुलाराम करीब 45 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन अंततः उन्होंने अस्पताल में आखिरी सांस ली।
इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने ट्रेन संचालन व्यवस्था की कई गंभीर खामियों को उजागर किया है। रिपोर्ट के आधार पर हादसे की जिम्मेदारी तय करते हुए रेलवे ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल शुरू कर दिया है।
CRS रिपोर्ट में सामने आया कि लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट साइको टेस्ट में फेल होने के बावजूद मेमू ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसके अलावा सिग्नल ओवरशूट और ऑपरेशन सिस्टम की खामियों को भी हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद रेलवे बोर्ड ने कड़े कदम उठाते हुए डीआरएम और पीसीईई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है। इससे पहले इस मामले में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी और सीनियर डीओपी मसूद आलम को भी हटाया जा चुका है। अब तक हादसे के सिलसिले में चार वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है।
इसी क्रम में रेलवे विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राकेश रंजन को नया डीआरएम नियुक्त किया है। राकेश रंजन फिलहाल ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पदस्थ हैं। रेलवे बोर्ड ने तबादला और पोस्टिंग से संबंधित नया आदेश जारी कर दिया है। वहीं, पहले डीआरएम के रूप में नियुक्त किए गए उमेश कुमार का आदेश रद्द कर दिया गया है। उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए तबादला निरस्त करने की मांग की थी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सिस्टम में सुधार के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
