CG Revenue Department scam: ACB की ताबड़तोड़ छापेमारी,कई अफसरों पर शिकंजा…NV News

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रायपुर/(CG Revenue Department scam): छत्तीसगढ़ में पटवारी से राजस्व निरीक्षक (आरआई) बनने की परीक्षा में कथित धांधली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसी शिकायत को आधार बनाकर बुधवार सुबह एसीबी/ईओडब्ल्यू ने राज्यभर में बड़ी कार्रवाई शुरू की, जिसकी जानकारी सामने आते ही राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि, प्रमोशन परीक्षा में अनियमितताओं की कई शिकायतें सरकार तक पहुंची थीं, जिसके बाद जांच एजेंसियों को गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।

बुधवार तड़के ही एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर, महासमुंद, गरियाबंद समेत प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में सक्रिय हो गईं। 20 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई का दायरा इतना बड़ा था कि, कई जिलों में अफसरों को खबर लगने में समय लग गया कि, आखिर हो क्या रहा है। अधिकारी अपने घरों में दस्तावेज़ों और डिजिटल रिकॉर्ड की अचानक तलाशी से हैरान रह गए।

सूत्रों के अनुसार, पटवारी से आरआई बनने की परीक्षा को लेकर काफी समय से गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं। कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि,परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और चयन में भारी स्तर पर हेरफेर किया गया था। यह मामला विधानसभा में भी जोरदार तरीके से उठा, जिसके बाद इसे नजरअंदाज करना सरकार के लिए मुश्किल हो गया। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया था और जांच की मांग की थी।

सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रमोशन परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसीबी/ईओडब्ल्यू ने प्राथमिक जांच में मिली सूचनाओं को आधार बनाकर बुधवार को छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कई जगहों पर टीमों को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की ओर संकेत करते हैं। कुछ अधिकारियों के यहां आय से अधिक संपत्ति से संबंधित सामग्री मिलने की भी जानकारी है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

छापेमारी के दौरान अधिकारी घरों में मौजूद डिजिटल डिवाइस- जैसे लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन की भी गहन जांच कर रहे हैं, ताकि प्रमोशन परीक्षा से संबंधित कोई संदिग्ध लेन-देन या बातचीत का पता लगाया जा सके। एसीबी/ईओडब्ल्यू की टीमें कई जगहों पर पुराने फाइल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही हैं।

जांच अधिकारियों का कहना है कि,छापेमारी पूरी तरह शिकायतों और शुरुआती सबूतों के आधार पर की जा रही है। उनका कहना है कि,परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी, ताकि सच सामने आ सके। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि,जांच आगे बढ़ने पर कुछ बड़े खुलासे भी संभव हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेशभर के राजस्व विभाग के अफसरों में खलबली मचा दी है। कई अधिकारी छापेमारी की खबर सुनकर अपने-अपने दस्तावेज़ों को दुरुस्त करने या संभावित जांच को लेकर तैयारी करते देखे जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि यदि धांधली सिद्ध होती है तो दर्जनों अधिकारियों की नौकरी और प्रमोशन पर असर पड़ सकता है।

दूसरी ओर, परीक्षा में शामिल रहे कई उम्मीदवार और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि,यदि गड़बड़ी की जांच निष्पक्ष तरीके से होती है, तो असली दोषियों पर कार्रवाई हो सकेगी और भविष्य की चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकार की इस एक्शन मोड कार्रवाई से कई युवाओं में उम्मीद जगी है कि अब ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे।

जहा एसीबी/ईओडब्ल्यू की टीमों की छानबीन जारी है और अगले 24–48 घंटे में और भी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और सामग्री के मिलने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि,अभी कुछ भी अंतिम नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच से जो संकेत मिल रहे हैं, वे चौंकाने वाले हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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