CG Registry Fee Protest: भाजपा अध्यक्ष का काफिला रोका गया…NV News

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दुर्ग/(CG Registry Fee Protest): रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के फैसले के विरोध में जमीन खरीद–बेच से जुड़े सैकड़ों लोग मंगलवार को सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट के पास कलेक्ट्रेट प्रवेश द्वार तक रैली निकाली और बढ़ी हुई रजिस्ट्री शुल्क को वापस लेने की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान एक अप्रत्याशित मोड़ तब आया, जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव साय का काफिला उसी मार्ग से गुजर रहा था, जहां प्रदर्शन जारी था। प्रदर्शनकारियों ने काफिला रोक लिया और सीधे प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने की मांग कर दी।

स्थानीय पुलिस और भाजपा कार्यकर्ता तत्काल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को काफिले के सामने से हटाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। इसके चलते कुछ देर के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी और कहासुनी भी हुई। अंततः पुलिस ने काफिले को आगे बढ़ाने में सफलता पाई, जबकि कुछ झूमाझटकी करने वाले प्रदर्शनकारियों की शिकायत भी दर्ज की गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, रजिस्ट्री शुल्क में हाल ही में की गई बढ़ोतरी से जमीन खरीद–बिक्री का कारोबार प्रभावित होगा और आम जनता पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शुल्क बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की।

जानकारी अनुसार, प्रदर्शनकारी सुबह से पटेल चौक पर एकत्रित हुए और वहां से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल लोग जमीन कारोबार से जुड़े एजेंट, दलाल और सामान्य नागरिक थे। उन्होंने कहा कि, वर्तमान में शुल्क बढ़ने से लेन-देन की लागत बढ़ जाएगी और छोटे निवेशक भारी नुकसान उठाने को मजबूर होंगे।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मार्ग पर खड़े होने से रोका, लेकिन जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का काफिला वहां से गुजर रहा था, तो स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने तुरंत कदम उठाते हुए काफिले की सुरक्षा सुनिश्चित की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव साय ने इस घटना के बाद किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। उन्होंने अपने कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से पूरा किया और आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारी हालांकि मानो अपनी मांग के प्रति अडिग थे और ज्ञापन सौंपने पर जोर देते रहे।

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने भी इसे समर्थन दिया। कई लोगों ने कहा कि,रजिस्ट्री शुल्क में अचानक वृद्धि से न केवल जमीन का कारोबार प्रभावित होगा, बल्कि घर खरीदने वाले सामान्य लोग भी इससे परेशान होंगे।

कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद अधिकारियों ने इसे ध्यान से लेने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने कहा कि,इस पर विचार किया जाएगा और यदि संभव हुआ तो नीति में समायोजन किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि, रजिस्ट्री शुल्क जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में जनता और संबंधित कारोबारियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इससे न केवल सरकारी नीतियों पर असर पड़ता है, बल्कि प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास भी बढ़ता है।

इस प्रकार, दुर्ग में रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने के विरोध में हुए प्रदर्शन ने प्रशासन, राजनीति और जनता के बीच एक संवेदनशील संतुलन को उजागर किया। प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उनका कहना है कि, जब तक शुल्क वापस नहीं लिया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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