CG Politics: छत्तीसगढ़ राजनीति में हलचल! PCC चीफ दीपक बैज का सरकार पर तीखा सवाल – “नक्सलियों से हुई कौन-सी डील? कहीं झीरम-2 की साजिश तो नहीं?”
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सलवाद को लेकर नई बहस छिड़ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और PCC चीफ दीपक बैज ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव के हालिया बयान पर तीखा प्रहार करते हुए राज्य सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए नक्सलियों के सरेंडर को लेकर सरकार और नक्सलियों के बीच किसी गुप्त समझौते (डील) की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि—
“सरेंडर के वक्त मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एयरपोर्ट पर डेढ़ घंटे तक चर्चा में क्यों रहे? वे सरेंडर स्थल पर क्यों नहीं पहुंचे?”
बैज ने आगे कहा कि सरकार ने सिर्फ औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को खत्म कर दिया, जबकि मुख्य नक्सली रुपेश उर्फ अभय को मीडिया के सामने पेश नहीं किया गया। उनके मुताबिक, उस घटना के बाद से प्रदेश में नक्सल ऑपरेशन पूरी तरह ठप पड़ गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गृहमंत्री की वीडियो कॉल के दौरान मुख्यमंत्री को जानकारी तक नहीं थी, जिससे कई संदेह और गहरे हो गए हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नक्सलवाद पर बयान देते हुए कहा था कि देश जल्द नक्सल मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा था—
“प्रधानमंत्री की बातें कांग्रेस की समझ में नहीं आतीं। पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सलियों को पाला-पोसा।”
साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में साल 2026 तक छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है।
