CG News: सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद छत्तीसगढ़ की जेलों में लागू होगा ‘मॉडल जेल मैनुअल’…NV News
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छत्तीसगढ़ की जेलों में अब दशकों पुराने नियमों के बजाय आधुनिक ‘मॉडल जेल मैनुअल’ लागू होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा जेलों की स्थिति और कैदियों के मानवाधिकारों को लेकर जताए गए कड़े रुख के बाद राज्य शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अदालतों ने स्पष्ट किया था कि जेलों में सुधार की प्रक्रिया अब और नहीं टाली जा सकती, जिसके बाद गृह विभाग और जेल प्रशासन ने नए मैनुअल को अपनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
नए मॉडल जेल मैनुअल के लागू होने से जेलों के भीतर कैदियों के रहने की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाएं और उनके कानूनी अधिकारों में व्यापक बदलाव आएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जेलों को केवल सजा काटने की जगह न बनाकर ‘सुधार गृह’ के रूप में विकसित करना है। अदालतों ने विशेष रूप से जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों (Overcrowding) और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की थी, जिसे अब नए नियमों के तहत व्यवस्थित किया जाएगा।
इस मैनुअल के तहत कैदियों के वर्गीकरण, उनकी डाइट, मुलाकाती नियमों और जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, महिला कैदियों और उनके साथ रहने वाले बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। बिलासपुर हाई कोर्ट इस मामले में लगातार निगरानी कर रहा था और राज्य सरकार से जेलों के आधुनिकीकरण पर जवाब मांगा गया था, जिसके बाद यह प्रशासनिक सक्रियता दिखाई दी है।
जानकारों का मानना है कि मॉडल जेल मैनुअल लागू होने से छत्तीसगढ़ की जेल प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और न्यायिक हिरासत में होने वाली अप्रिय घटनाओं में कमी आएगी। यह सुधार न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास और शिक्षा के नए अवसर भी प्रदान करेगा। आने वाले कुछ हफ्तों में इसे राज्य की सभी केंद्रीय और जिला जेलों में पूरी तरह से प्रभावी कर दिया जाएगा।
