CG News:सिम्स बना “नो-ड्रिंग जोन”, शाम 6 बजे के बाद संदिग्धों का प्रवेश बंद…NV News 

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बिलासपुर/(CG News): छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) प्रशासन ने अब शराब पीकर अस्पताल परिसर में हंगामा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। संस्थान में अब शराब के नशे में पाए जाने वाले व्यक्तियों की ब्रेथ एनालाइजर (अल्कोहल मीटर) से जांच की जाएगी और पकड़े जाने पर सीधे पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

यह निर्णय हाल ही में डॉक्टरों के साथ हुई बदसलूकी की घटना के बाद लिया गया है, जब कुछ शराब के नशे में धुत युवकों ने अस्पताल परिसर में देर रात हंगामा मचाया और एक डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया था। घटना के बाद से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में असुरक्षा की भावना थी, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने यह सख्त कदम उठाया है।

शाम 6 बजे के बाद संदिग्धों के प्रवेश पर रोक:

सिम्स प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि अब शाम 6 बजे के बाद अस्पताल भवन में संदिग्ध व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल मरीज और उनके परिजन, जिन्हें चिकित्सकीय अनुमति प्राप्त है, वे ही अंदर आ सकेंगे। बिना कारण अस्पताल परिसर में घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर शाम के बाद सुरक्षा कर्मी अल्कोहल मीटर से जांच भी करेंगे, और शराब के नशे में पाए गए व्यक्तियों को तुरंत सिम्स चौकी पुलिस के हवाले किया जाएगा।

असामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश:

पिछले कुछ महीनों में अस्पताल परिसर में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब असामाजिक तत्वों ने डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया। अधिकतर मामलों में आरोपी शराब के नशे में पाए गए।इस स्थिति को देखते हुए सिम्स डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और एमएस डॉ. लखन सिंह ने तत्काल एक्शन लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

सिम्स प्रबंधन ने कहा कि “अस्पताल इलाज का स्थान है, असामाजिक गतिविधियों का नहीं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अभद्रता या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सुरक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव:

डीन और एमएस द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, अस्पताल परिसर की सुरक्षा में कई अहम बदलाव किए गए हैं-

• पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय को और मजबूत किया गया है। आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की व्यवस्था की गई है।

• ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।

• परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और प्रकाश व्यवस्था सुधारने के निर्देश जारी हुए हैं।

• सभी सुरक्षा कर्मियों को बेटन और आवश्यक उपकरणों के साथ सतर्क रहने को कहा गया है।

• पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी गई है।

इसके अलावा, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी।

जूनियर डॉक्टरों ने जताई चिंता, पुलिस ने दिया भरोसा:

हालिया घटना के बाद जूनियर डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र साहू और उनकी टीम ने सीएसपी गगन कुमार से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी। डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, जिससे स्टाफ असुरक्षित महसूस करता है।

सीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि अब अस्पताल परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और किसी भी तरह की अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

“नशे में पकड़े गए तो सीधा थाने की सैर तय”:

सिम्स प्रशासन ने साफ कहा है कि अब अस्पताल परिसर में शराब पीकर आने वालों की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। अल्कोहल मीटर में नशे की पुष्टि होने पर ऐसे व्यक्तियों को बिना किसी देरी के पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।यह कदम न केवल अस्पताल के अनुशासन को बनाए रखने के लिए बल्कि चिकित्सकीय टीम की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए भी अहम माना जा रहा है।

सिम्स में अब नशे में हंगामा करने वालों की खैर नहीं। ब्रेथ एनालाइजर से जांच होगी, पकड़े जाने पर सीधे पुलिस की गिरफ्त में जाना तय रहेगा। शाम 6 बजे के बाद संदिग्धों के प्रवेश पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था के सख्त नियम अब लागू हो गए हैं।

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