CG Legislative Assembly विधानसभा में अनुपूरक बजट चर्चा के दौरान हंगामा, जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार पर तीखी बहस

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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से जारी है। सत्र के तीसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सदन में उस वक्त अप्रिय स्थिति बन गई, जब दर्शक दीर्घा से एक युवक ने अचानक आवाज लगाई। उस समय कांग्रेस विधायक उमेश पटेल सदन में अपनी बात रख रहे थे। युवक ने उनके भाषण की तारीफ करते हुए ताली बजाई, लेकिन जब मार्शलों ने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ते देख विधानसभा मार्शलों ने कार्रवाई करते हुए दर्शक दीर्घा से चार युवकों को बाहर निकाल दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए सदन में व्यवधान की स्थिति बनी रही।

 

जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का मुद्दा गूंजा

इससे पहले दिन की कार्यवाही में जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में जोर-शोर से उठा। सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने इस मामले को उठाते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव को घेरा। उन्होंने बिलासपुर जिले के बिल्हा प्रखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि 111 गांवों में से एक भी गांव में काम पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया।

इस पर मंत्री अरुण साव ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं और किसी भी ठेकेदार को 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जितना कार्य हुआ है, उसी अनुपात में भुगतान किया गया है।

फर्जी टेंडर और ब्लैकलिस्टिंग पर सरकार का जवाब

धरमलाल कौशिक ने आगे सवाल उठाया कि मेसर्स विजय वी. संखूले पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर टेंडर हासिल करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाली छह अन्य कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

इस पर मंत्री अरुण साव ने बताया कि इस पूरे मामले की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली अपेक्स कमेटी कर रही है। कमेटी के निर्णय के अनुसार मेसर्स विजय संखूले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि छह अन्य फर्मों को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियां सुप्रीम कोर्ट भी गई थीं, लेकिन अंततः अपेक्स कमेटी का फैसला ही मान्य ठहराया गया।

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