“CG Health Update”:HNLU में वायरल फीवर का कहर, छात्र परेशान…NV News 

Share this

NV News: छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU) के हॉस्टल में पिछले एक महीने में सैकड़ों छात्र वायरल फीवर की चपेट में आ चुके हैं। विद्यार्थी लगातार बीमार पड़ रहे हैं और अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 20-30 छात्र अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

यूनिवर्सिटी में लगभग एक हजार विद्यार्थी रहकर अध्ययन करते हैं। बीमार छात्रों को मुख्य रूप से बालको-वेदांता अस्पताल और सद्भावना अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। हालांकि, अस्पताल कर्मचारी बताते हैं कि कई बार छात्रों को इमरजेंसी वार्ड में ही ड्रिप चढ़ा कर भेज दिया जाता है, क्योंकि संख्या अधिक होने के कारण पूरी तरह भर्ती करना मुश्किल हो जाता है।

शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं: 

विद्यार्थियों का कहना है कि हॉस्टल में पानी की गुणवत्ता खराब है और यही वायरल फीवर फैलने का मुख्य कारण हो सकता है। कई बार छात्र प्रशासन को इस बारे में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों ने सोशल मीडिया और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों तक भी अपनी शिकायत पहुँचाई, लेकिन हालात जस के तस हैं।

बालको-वेदांता अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी की एंबुलेंस विशेष रूप से रात में छात्रों को अस्पताल लेकर आ रही है। इससे साफ है कि छात्रों की तबीयत लगातार खराब हो रही है और उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन रजिस्ट्रार ने क्या कहा:

उधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थिति को लेकर अपनी सफाई दी है। रजिस्ट्रार डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो पानी आपूर्ति की जाती है, उसकी लैब जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता सही पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सुविधाएं छात्रों के लिए उपलब्ध हैं और स्वास्थ्य संबंधी मामले गंभीरता से देखे जा रहे हैं।

समस्या लगातार बढ़ रही हैं:

छात्रों का कहना है कि सिर्फ रिपोर्ट सही होने से काम नहीं चलता, क्योंकि हॉस्टल में पानी की टंकी, पाइपलाइन और नल के पानी में गंदगी होने की समस्या लगातार सामने आ रही है। इसके चलते कई छात्रों को दस्त और तेज बुखार की शिकायत हो रही है।

वायरल फीवर के क्या कारण?:

विशेषज्ञों के अनुसार वायरल फीवर आमतौर पर दूषित पानी, संक्रमण या मौसम बदलाव के कारण फैलता है। ऐसे मामलों में तुरंत पानी की शुद्धता सुनिश्चित करना और प्रभावित छात्रों का समय पर इलाज करना बेहद जरूरी है।

हॉस्टल में सफाई, पानी की शुद्धता और नियमित स्वास्थ्य की जांच:

छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि यूनिवर्सिटी में वायरल फीवर की स्थिति लंबे समय तक बनी हुई है। कई छात्र अपने परिवार को भी परेशान कर रहे हैं और पढ़ाई पर ध्यान देना मुश्किल हो गया है। हॉस्टल में सफाई, पानी की शुद्धता और नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की मांग जोर पकड़ रही है।

 नियमित जांच की मांग:

अस्पतालों और यूनिवर्सिटी के बीच समन्वय बढ़ाने की भी जरूरत बताई जा रही है ताकि बीमार छात्रों को समय पर भर्ती और इलाज मिल सके। विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि प्रशासन को सिर्फ लैब रिपोर्ट पर भरोसा न करके, हॉस्टल में पानी के स्रोतों की नियमित जांच करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में HNLU के इस हॉस्टल की समस्या ने छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन सभी की चिंता बढ़ा दी है। समय रहते उचित कदम उठाने से ही छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

Share this

You may have missed