CG Health Department: ऑपरेशन के बाद अंधेपन का कहर! बीजापुर में 9 मरीजों की रोशनी गई, स्वास्थ्य विभाग घेरे में…NV News
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रायपुर/(CG health department): बीजापुर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 24 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष नेत्र सर्जिकल शिविर के बाद नौ मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। यह घटना न केवल जिले के स्वास्थ्य इंतज़ामों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राज्यभर में चिंता का विषय बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, बीजापुर के जिला अस्पताल परिसर में नेत्र रोग विभाग की ओर से मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में कुल 14 मरीजों की सर्जरी की गई। शुरुआत में सभी मरीज सामान्य थे, लेकिन दो दिन बाद नौ मरीजों को आंखों में जलन, सूजन और धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें होने लगीं। धीरे-धीरे कुछ की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई।
स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय डॉक्टरों ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी। सभी प्रभावित मरीजों को फौरन रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) रेफर किया गया, जहां उन्हें भर्ती कर विशेष मेडिकल टीम द्वारा इलाज शुरू किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि, प्रारंभिक जांच में संक्रमण की आशंका दिख रही है, लेकिन सटीक कारण लैब रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा।
सूत्रों का मानना है कि, संक्रमण ऑपरेशन के दौरान उपयोग किए गए उपकरणों या दवाओं से फैल सकता है। इस बात की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आंतरिक जांच समिति गठित की है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने इस घटना को गंभीर मानते हुए अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
मरीजों और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि, शिविर में पर्याप्त स्वच्छता और सुरक्षा के इंतज़ाम नहीं थे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि, प्राथमिकता मरीजों के इलाज पर दी जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना बीजापुर के स्वास्थ्य ढांचे पर गहरा सवाल खड़ा करती है। ऐसे शिविरों का उद्देश्य गरीबों को राहत देना होता है, लेकिन लापरवाही की वजह से वही जनसेवा अब त्रासदी में बदल गई है। फिलहाल रायपुर के अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और राज्य सरकार ने पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है।
