CG Drug Trafficking: ड्रग तस्करों पर शिकंजा, चार आरोपी सलाखों के पीछे…NV News
Share this
रायपुर/(CG Drug Trafficking): रायपुर में नशे के अवैध कारोबार पर अदालत ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। खमतराई थाना क्षेत्र में पकड़े गए नशीली दवाओं के गिरोह के चार सदस्यों को विशेष अदालत ने 15-15 साल के कठोर कारावास और 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने दिया, जिसने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को गंभीरता से परखा और आरोपी युवकों को दोषी करार दिया।
यह मामला वर्ष 2021 का है, जब पुलिस ने खमतराई इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं की भारी खेप जब्त की थी। उसी दौरान चार युवकों को शक के आधार पर पकड़ा गया और उनकी तलाशी में लगभग 9,800 नशीली टेबलेट बरामद हुई थीं। इन टेबलेट्स का उपयोग प्रायः अवैध नशे के रूप में किया जाता है और इनकी तस्करी प्रतिबंधित है। पुलिस ने यह मात्रा व्यावसायिक स्तर की बताते हुए मामला दर्ज किया था।
जानकारी अनुसार, खमतराई थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि, कुछ युवक नशीली दवाओं की बड़ी खेप लेकर शहर में सप्लाई करने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्धों को रोका। जांच में जब उनके बैग और वाहनों की तलाशी ली गई तो लगभग 9,800 नशीली टैबलेटें बरामद हुईं। सभी टैबलेट्स प्रतिबंधित श्रेणी की थीं और बिना लाइसेंस इनके परिवहन या बिक्री पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस ने चारों युवकों को मौके से गिरफ्तार किया था, हालांकि जांच के दौरान एक आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश अब भी जारी है। गिरफ्तार युवकों ने पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि, वे नशीली दवाएं अलग-अलग हिस्सों में बेचने की योजना बना रहे थे।
अदालत में क्या हुआ?:
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से अधिवक्ता उमाशंकर वर्मा ने कोर्ट में विस्तृत बहस की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, जब्त सामग्री की फॉरेंसिक रिपोर्ट, बरामदगी पंचनामा, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध की।
वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए उन्हें झूठा फंसाने की दलील दी, लेकिन कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को मजबूत माना।
सभी दस्तावेजों, गवाहों और परिस्थितिगत साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने माना कि, चारों आरोपी नशीली दवाओं की तस्करी की योजना में सीधे तौर पर शामिल थे और समाज में ऐसे अपराधों का गंभीर दुष्प्रभाव होता है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें कठोर सजा सुनाई।
न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने अपने फैसले में कहा कि, नशीली दवाओं का अवैध व्यापार युवाओं को विनाश की ओर धकेल रहा है। यह एक ऐसा अपराध है जो न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन बल्कि पूरे समाज और भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए ऐसे अपराधियों के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने कहा कि, बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने के लिए कड़ी सजा देना आवश्यक है,ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि, इस तरह के अपराधों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फैसले के दौरान अदालत ने इस बात की भी सराहना की कि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं को शहर में फैलने से रोका। अभियोजन पक्ष की पक्षपात-रहित और तथ्यात्मक प्रस्तुति ने मामले को अदालत के सामने स्पष्ट रूप से रखा, जिसके आधार पर यह फैसला संभव हो पाया।
फैसला सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है। पुलिस का कहना है कि, नशीली दवाओं के इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
खमतराई थाना क्षेत्र में यह पिछले कुछ वर्षों में नशीली दवाओं की सबसे बड़ी जब्ती में से एक माना जा रहा है। अदालत का यह सख्त निर्णय आने वाले समय में ऐसे कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश बनकर सामने आ सकता है।
