CG Crime News: फर्जी IT रेड का सनसनीखेज खुलासा: घरेलू सहायिका निकली मास्टरमाइंड, करोड़ों की लूट की थी साजिश

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धमतरी। धमतरी जिले में एक सुनियोजित और बेहद चौंकाने वाला अपराध सामने आया है, जहां एक नामी पैथोलॉजी डॉक्टर के घर फर्जी आयकर विभाग (IT) की रेड डालकर करोड़ों रुपये लूटने की साजिश रची गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड वही घरेलू सहायिका थी, जो कई वर्षों से डॉक्टर के घर काम कर रही थी।

 

कैसे रची गई फर्जी IT रेड की साजिश

यह घटना 17 नवंबर की है। रत्नाबांधा रोड स्थित प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉ. दिलीप राठौर के घर अचानक 7 से 8 लोग पहुंचे। सभी ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताते हुए घर में प्रवेश किया और दस्तावेजों की जांच के नाम पर करीब 2 से 3 घंटे तक तलाशी ली।

आरोपियों की तैयारी इतनी पुख्ता थी कि वे अपने साथ खाली बोरे भी लेकर आए थे, ताकि घर से नकदी और कीमती सामान समेटा जा सके। हालांकि, तलाशी के दौरान उन्हें किसी तरह की बड़ी नकदी या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

 

घरेलू सहायिका ने दी थी अंदरूनी जानकारी

पुलिस जांच में सामने आया कि डॉक्टर के घर में वर्षों से काम कर रही घरेलू सहायिका ने ही आरोपियों को यह जानकारी दी थी कि घर में बड़ी मात्रा में नकदी होने की संभावना है। इसी इनपुट के आधार पर पूरी योजना बनाई गई और फर्जी IT रेड का नाटक किया गया।

 

कोतवाली थाने में दर्ज हुई शिकायत

घटना के बाद डॉक्टर को जब संदेह हुआ, तो उन्होंने कोतवाली थाना धमतरी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की और तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की।

 

12 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े तार

पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में धमतरी, बालोद, दुर्ग के अलावा महाराष्ट्र के आरोपी भी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने फर्जी IT रेड की साजिश और अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।

 

कामवाली महिला भी गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान जब पूरी साजिश की कड़ियां जुड़ीं, तो पुलिस को पता चला कि इस अपराध की मुख्य साजिशकर्ता घरेलू सहायिका ही थी। पुलिस ने महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी आरोपियों ने इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

 

SP का बयान

इस मामले पर एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि यह एक संगठित अपराध है, जिसमें अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की घटनाओं पर पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी।

 

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर जांच के लिए आए, तो उसकी पहचान और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें। किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

यह मामला न केवल अपराधियों की शातिर योजना को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे भरोसे का गलत फायदा उठाकर गंभीर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की जा सकती है।

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