CG Conversion Case:अवैध धर्मांतरण पर बड़ा एक्शन, पास्टर समेत 6 गिरफ्तार…NV News
Share this
रायपुर/(CG Conversion Case): छत्तीसगढ़ में जबरन धर्मांतरण के आरोपों पर कार्रवाई तेज हो गई है। रविवार को राज्य के तीन जिलों-दुर्ग, कोरबा और बालोद-से पुलिस ने कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें तीन पास्टर, एक महिला समेत, शामिल हैं। विभिन्न हिंदू संगठनों की शिकायतों के बाद ये कार्रवाइयाँ की गईं। प्रदेश में लोगों को प्रलोभन देकर या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसके चलते प्रशासन भी सख़्त कदम उठा रहा है।
दुर्ग-घर में बने चर्च पर हंगामा, महिला पास्टर सहित तीन गिरफ्तार:
दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में रविवार को बड़ा विवाद सामने आया। नेवई थाना क्षेत्र के सूर्य नगर में एक मकान में प्रार्थना सभा चलाए जाने की सूचना पर बजरंग दल और साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि, मनोज साहू और उनकी पत्नी मालती साहू प्रार्थना सभा के नाम पर आसपास के लोगों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं।
बताया गया कि,साहू दंपती पहले हिंदू थे, लेकिन कुछ वर्षों पहले उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया। आरोप है कि, अब वे आसपास के लोगों को भी धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे थे। प्रदर्शन बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की।
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने पुष्टि की कि, मनोज साहू, उनकी पत्नी व पास्टर मालती साहू और रविशंकर चंदेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, धारा 3(5) और छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में करीब 30-40 लोग मौजूद थे और प्रार्थना सभा चल रही थी।
कोरबा-धार्मिक भावनाएँ आहत करने और अवैध सभा के आरोप में पास्टर जेल भेजा गया:
कोरबा जिले में पास्टर बजरंग जायसवाल को महिलाओं की शिकायत पर गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें उपजेल कटघोरा भेज दिया गया। शिकायत में कहा गया था कि, वे बिना अनुमति के रिहायशी इलाके में चंगाई सभा आयोजित करते थे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम का उपयोग करते थे, जिससे मोहल्ले में लगातार शोर-शराबा बना रहता था।
साथ ही आरोप लगाया गया कि, सभा में बाहरी लोगों को बुलाया जाता था और प्रतिभागियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था। क्षेत्र की महिलाओं ने यह भी कहा कि पास्टर हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक बातें करते थे, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।
कटघोरा थाना प्रभारी धरमनारायण तिवारी ने बताया कि, शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पास्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि, जायसवाल ने अपने घर को अवैध रूप से चर्च के रूप में परिवर्तित कर प्रतिदिन धार्मिक सभाएँ आयोजित कर रखी थीं, जिससे क्षेत्र में अव्यवस्था और असुरक्षा का माहौल बन गया था।
बालोद-अवैध प्रार्थना सभा में दो पास्टर पकड़े गए:
बालोद जिले में रनचिरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत कलंगपुर गांव में अवैध प्रार्थना सभा किए जाने की शिकायत पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। आरोप है कि,एक मकान में बिना अनुमति के प्रार्थना सभा चल रही थी और लगभग 30 लोग, जिनमें महिलाएँ भी शामिल थीं, वहां मौजूद थे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस को धर्मांतरण की कोशिश और अवैध धार्मिक कार्यक्रम के संकेत मिले, जिसके बाद दो पास्टर-दुर्ग जिले के बोरसी गांव निवासी विजय साहू (28) और भटगांव निवासी मिथलेश साहू (25)-को गिरफ्तार किया गया। जिस घर में प्रार्थना सभा चल रही थी, उसके मालिक को भी पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
राज्य में बढ़ते मामलों पर चौकन्ना प्रशासन:
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों से जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। पुलिस प्रशासन लगातार इन शिकायतों पर कार्रवाई कर रहा है और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कठोर धाराएँ लगाई जा रही हैं। कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में लोगों को लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिशें बढ़ रही हैं, जिसके चलते तनाव की स्थितियाँ भी पैदा हो रही हैं।
रविवार को की गई ये कार्रवाइयाँ राज्य प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, किसी भी मामले में वास्तविकता की जांच के बाद ही कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी निर्दोष को नुकसान न पहुँचे और किसी समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन भी न हो।
