CG Breaking: रसोइयों की हड़ताल से जुड़ी खबरें भ्रामक और निराधार, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया स्पष्टीकरण…NV News

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छत्तीसगढ़ में रसोइयों के आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही खबरों पर लोक शिक्षण संचालनालय ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर रसोइयों की मौत से जुड़ी खबरें पूरी तरह से भ्रामक और निराधार हैं। प्रशासन ने आम जनता और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें।

मौत और प्रदर्शन का कोई संबंध नहीं

संचालनालय द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जिन दो रसोइयों की मृत्यु का जिक्र किया जा रहा है, उनका धरना स्थल की परिस्थितियों से कोई लेना-देना नहीं है। जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों की मृत्यु उनके गृह ग्राम या निजी कारणों से हुई है, न कि आंदोलन के दौरान किसी अव्यवस्था या पुलिस कार्रवाई की वजह से। विभाग ने इन दावों को आंदोलन को भड़काने की साजिश करार दिया है।

तूता धरना स्थल पर पुख्ता इंतजाम

प्रशासन का कहना है कि तूता में चल रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों के लिए पानी, चिकित्सा सुविधा और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि धरना स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक टीम लगातार निगरानी कर रही है।

शांतिपूर्ण समाधान की अपील

लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदर्शनकारी रसोइयों और उनके संगठनों से शांति बनाए रखने और चर्चा के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। विभाग ने कहा कि गलत सूचनाएं फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा करना किसी के हित में नहीं है। सरकार उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार कर रही है और निराधार खबरों से केवल समाज में असंतोष पैदा होता है।

सोशल मीडिया पर निगरानी तेज

भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ भी प्रशासन अब सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। साइबर सेल को निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहों को हवा देने वाले हैंडल्स की पहचान की जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक जानकारी केवल अधिकृत स्रोतों से ही ली जानी चाहिए ताकि किसी भी तरह के भ्रम से बचा जा सके।

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