CG Breaking: जिला कलेक्ट्रेट में चिराग तले अंधेरा, दीवारें बनीं थूकदान…NV News

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CG Breaking: जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक दफ्तर, धमतरी कलेक्ट्रेट, इन दिनों खुद स्वच्छता की मिसाल बनने के बजाय गंदगी का उदाहरण बन गया है। जहां से हर रोज़ स्वच्छता अभियान और सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तय होती है, वहीं की दीवारें और खिड़कियां अब थूकदान में तब्दील हो चुकी हैं।

जानकारी अनुसार,कलेक्ट्रेट परिसर की दीवारों पर पान-गुटखे के लाल निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। जगह-जगह फैला कचरा, बदबू और अव्यवस्था वहां आने वाले आम नागरिकों और कर्मचारियों दोनों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। विडंबना यह है कि इसी दफ्तर से “स्वच्छ धमतरी, सुंदर धमतरी” जैसे संदेश पूरे जिले में फैलाए जा रहे हैं।

बता दें,स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि सफाई की जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। “हर दिन सफाईकर्मी आते हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद लोग फिर गंदगी फैला देते हैं। पान और गुटखा खाने वालों पर कोई रोक नहीं है,” एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।

मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट प्रशासन को जनता के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए, न कि शर्मिंदगी का कारण बनना चाहिए। “मैंने संबंधित विभागों को साफ-सफाई की स्थिति सुधारने और दीवारों को दुबारा पुतवाने के निर्देश दिए हैं। जो भी कर्मचारी या आगंतुक परिसर में गंदगी फैलाते पकड़े जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी,” कलेक्टर ने कहा।

प्रशासन ने यह भी तय किया है कि परिसर में “नो स्पिटिंग ज़ोन” के बोर्ड लगाए जाएंगे और जगह-जगह डस्टबिन रखे जाएंगे ताकि लोगों को थूकने या कचरा फेंकने का बहाना न मिले।

धमतरी कलेक्ट्रेट की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक स्वच्छता समझ पर भी सवाल खड़ा करती है। जहां से “स्वच्छ भारत” जैसी योजनाएं लागू की जाती हैं, वहीं अगर गंदगी पसरी हो,तो यह निश्चित रूप से “चिराग तले अंधेरा” वाली कहावत को सही साबित करता है।

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