CG Big fraud: जिंदल पावर की जमीन का फर्जी सौदा, पूर्व एसडीएम–पटवारी समेत 4 के खिलाफ अपराध दर्ज करने का कोर्ट का आदेश
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रायगढ़। जिंदल पावर एंड स्टील लिमिटेड की जमीन का फर्जी सौदा करने के मामले में रायगढ़ में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम की मुसीबतें बढ़ गई हैं। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों सहित कुल 4 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले के अनुसार, घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम झींकाबहाल, खसरा नंबर 208, रकबा 0.773 हेक्टेयर, जो कि जिंदल पावर लिमिटेड के नाम दर्ज थी, उसके राजस्व रिकॉर्ड में कूटरचना की। आरोप है कि दोनों ने मिलकर रिकॉर्ड में हेराफेरी कर भूमि स्वामी के रूप में बिहारी पटेल का नाम चढ़ा दिया और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी ऋण पुस्तिका क्रमांक P-1318403 जारी कर दी।
इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 23 जनवरी 2018 को बिहारी पटेल ने यह जमीन 11 लाख 84 हजार रुपए में लैलूंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल को बेच दी और रजिस्ट्री भी करा दी।
लेकिन 15 सितंबर 2023 को खरीदार ने जब ऑनलाइन रिकॉर्ड निकाला तो जमीन वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम दर्ज मिली। जांच में सामने आया कि 2017 के खसरे में जमीन जिंदल पावर लिमिटेड के नाम पर थी और यह जमीन कभी भी बिहारी पटेल के नाम पर दर्ज नहीं हुई थी।
अशोक कुमार अग्रवाल ने पहले थाना लैलूंगा में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने आठ पृष्ठों का आदेश जारी करते हुए पूर्व एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, विक्रेता बिहारी पटेल और गवाह सुरेंद्र गुप्ता के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना कर चार्जशीट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।
यह मामला अब तेजी से तूल पकड़ रहा है और प्रशासनिक सिस्टम में भ्रष्टाचार पर कई सवाल खड़े कर रहा है।
