CENSUS 2027 – छत्तीसगढ़ में जनगणना का बिगुल: 1 मई से शुरू होगा पहला चरण; गलत जानकारी देने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई…NV News
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NV News – रायपुर। देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी बहुप्रतीक्षित जनगणना 2027 (Census 2027) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार और जनगणना कार्य निदेशालय ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। छत्तीसगढ़ में इस महाभियान का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गणना के दौरान जानबूझकर गलत जानकारी देने या जानकारी छिपाने वालों के खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना का यह कार्य दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
पहला चरण (1 मई से शुरू): इसमें ‘मकान सूचीकरण’ (House Listing) और मकानों की गणना की जाएगी। इसके साथ ही मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल डेटा एंट्री पर जोर दिया जाएगा।
दूसरा चरण: इसमें जनसंख्या की वास्तविक गणना और व्यक्तिगत विवरण (नाम, शिक्षा, धर्म, व्यवसाय आदि) जुटाए जाएंगे।
डिजिटल जनगणना: पहली बार मोबाइल ऐप का इस्तेमाल
इस बार की जनगणना ‘हाई-टेक’ होने वाली है। छत्तीसगढ़ के प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के लिए विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे।
सेल्फ इन्यूमेशन: नागरिक भी पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
सटीकता: डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह होने से त्रुटियों की संभावना कम होगी और परिणाम जल्द घोषित किए जा सकेंगे।
गलत जानकारी देने पर क्या होगी कार्रवाई?
जनगणना अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जनगणना एक वैधानिक कार्य है।
कानूनी प्रावधान: जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत प्रत्येक व्यक्ति अपनी सही जानकारी देने के लिए बाध्य है।
जुर्माना और सजा: गलत जानकारी देने, जानकारी छिपाने या गणना कार्य में बाधा डालने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।
गोपनीयता: सरकार ने आश्वस्त किया है कि व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल योजनाएं बनाने के लिए किया जाएगा।
प्रगणकों को प्रशिक्षण और तैयारी
रायपुर समेत प्रदेश के सभी 33 जिलों में मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर दी गई है। सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रगणक के रूप में तैनात किया गया है, जिन्हें ऐप चलाने और डेटा सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनता से अपील
प्रशासन ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उन्हें सही जानकारी दें। यह डेटा आने वाले 10 वर्षों के लिए छत्तीसगढ़ के विकास, नई सड़कों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं की योजना बनाने में आधार साबित होगा।
