CBSE बोर्ड की बड़ी लापरवाही: गणित के पेपर पड़े कम, एक ही परीक्षा तीन शिफ्ट में कराने की नौबत…NV News
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब एक परीक्षा केंद्र पर गणित (Mathematics) के प्रश्नपत्र कम पड़ गए। इस भारी चूक के कारण परीक्षा को निर्धारित समय पर सुचारू रूप से नहीं कराया जा सका और स्थिति को संभालने के लिए स्कूल प्रबंधन को तीन अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करनी पड़ी।
कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?
आमतौर पर बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की संख्या परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर पहले से ही तय और सीलबंद होती है। लेकिन इस केंद्र पर:
पेपर की कमी: जब परीक्षा हॉल में पेपर बांटे जाने लगे, तब पता चला कि छात्रों की तुलना में क्वेश्चन पेपर काफी कम हैं।
हंगामा और तनाव: पेपर कम होने की खबर से छात्रों में अफरा-तफरी मच गई और बाहर खड़े अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
अस्थायी समाधान: बोर्ड से संपर्क करने और फोटोकॉपी या नए सेट का इंतजार करने के दौरान, छात्रों को अलग-अलग समूहों (Batch) में बांटकर तीन शिफ्ट में परीक्षा दिलाई गई।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर
परीक्षा केंद्र पर घंटों इंतजार और शिफ्ट बदलने के कारण छात्र मानसिक रूप से थक गए। अभिभावकों का आरोप है कि गणित जैसे कठिन विषय में वैसे ही छात्र तनाव में रहते हैं, ऊपर से बोर्ड की इस लापरवाही ने उनकी एकाग्रता (Concentration) को पूरी तरह भंग कर दिया। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें देरी से पेपर मिला, जिससे उनकी पूरी प्लानिंग गड़बड़ा गई।
बोर्ड की संभावित कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय ने केंद्र से रिपोर्ट तलब की है।
जांच के आदेश: यह पता लगाया जा रहा है कि डेटा एंट्री में गलती हुई या प्रिंटिंग प्रेस से ही कम पेपर आए थे।
केंद्र पर गाज: यदि स्कूल की लापरवाही सामने आती है, तो केंद्र की मान्यता रद्द की जा सकती है या उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
छात्रों को राहत? बोर्ड विचार कर सकता है कि क्या इस केंद्र के छात्रों को अंकन (Marking) में कोई विशेष राहत दी जा सकती है।
