Caste discrimination: आंगनबाड़ी केंद्र में जातिगत भेदभाव का आरोप, दलित बच्चों को अलग बैठाने का आरोप
Share this
Caste discrimination, सरगुजा। जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत डांडगांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां दलित (हरिजन समाज) बच्चों के साथ कथित जातिगत भेदभाव किए जाने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद सामाजिक समानता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Caste discrimination आरोप है कि हरिजन पारा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता द्वारा दलित समाज के बच्चों को अन्य बच्चों से अलग बैठाया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के साथ आज भी जाति के आधार पर व्यवहार किया जा रहा है, जो संविधान और सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे बच्चों में हीन भावना पैदा हो रही है।
Caste discrimination, बच्चों से धुलवाए जाते हैं जूठे बर्तन
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि भोजन कराने के बाद बच्चों से उनके जूठे बर्तन खुद ही धुलवाए जाते हैं। इसे बाल अधिकारों और आंगनबाड़ी संचालन के तय मानकों का गंभीर उल्लंघन बताया जा रहा है।
Caste discrimination, पोषण आहार में अनियमितता के आरोप
मामले में पूरक पोषण आहार को लेकर भी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को कई बार पूरा भोजन नहीं दिया जाता या गुणवत्ता बेहद खराब होती है। इसके अलावा आरोप है कि गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित गर्म भोजन को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वयं खा जाती है, जिससे महिलाएं अपने अधिकार से वंचित रह जाती हैं।
Caste discrimination, निरीक्षण में हुआ खुलासा
पूरा मामला उस समय उजागर हुआ, जब महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति राधा रवि निरीक्षण के लिए डांडगांव पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और हितग्राहियों ने खुलकर अपनी शिकायतें रखीं। सभापति के सामने बच्चों और महिलाओं से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
Caste discrimination, जांच के दौरान बंद मिला केंद्र
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के बाद जब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी जांच के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, तो केंद्र बंद मिला। इस घटना ने संदेह को और गहरा कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच से बचने के लिए जानबूझकर केंद्र बंद रखा गया।
Caste discrimination, कार्रवाई की मांग तेज
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
