छत्तीसगढ़ में नकली नोट गैंग का भंडाफोड़: अंतरराज्यीय नेटवर्क के 3 आरोपी गिरफ्तार
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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ पुलिस ने तेलंगाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली नोट खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा पर्दाफाश किया है। सक्ती जिले के डभरा और छपोरा क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹1 लाख 70 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में नकली नोट खपाते हुए आरोपी सिद्धा गौड़ गिरफ्तार हुआ था। उसके खिलाफ धारा 179, 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि कोलकाता के सौरव डे, नारायण भगत और बिहार निवासी रसीद अहमद कंप्यूटर, कलर प्रिंटर और जेके एक्सल बॉन्ड पेपर की मदद से जाली नोट बनाते थे।
फेसबुक के जरिए ढूंढते थे साथी:-
आरोपित सोशल मीडिया—विशेषकर फेसबुक—के माध्यम से मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जो नकली नोट चलाने में उनकी मदद कर सकें। तेलंगाना पुलिस तीनों मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है।
छत्तीसगढ़ में ऐसे फैला नेटवर्क:-
पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नंदलाल जांगड़े (जवाली) और छतराम आदित्य (देवगांव) को नकली नोट भेजे गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सक्ती ने डभरा व छपोरा पुलिस को तेलंगाना टीम के साथ मिलकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने बिहार के रसीद अहमद से ₹40 हजार में ₹2 लाख के जाली नोट खरीदे थे। यह नकली नोट खपाने के लिए उन्होंने मनहरण उर्फ सोहन लहरे (निवासी भडोरा) को दे दिए थे।
₹30 हजार खपा चुका था आरोपी:-
पुलिस ने रायगढ़ क्षेत्र से मनहरण को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह ₹2 लाख नकली नोट लेकर उनमें से ₹30,000 विभिन्न स्थानों पर खपा चुका है, जबकि ₹1,70,000 नकली नोट घर में छिपाकर रखा था। पुलिस टीम ने दबिश देकर सभी नकली नोट जब्त कर लिए।
पूरे प्रकरण को आगे की विवेचना के लिए तेलंगाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
