Bridge Construction Corruption: डेढ़ साल में ही जर्जर पुल, 47 लाख की मरम्मत पर उठे सवाल
Share this
जांजगीर-चांपा। Bridge Construction Corruption, जांजगीर से चांपा को जोड़ने वाला खोखसा रेल ओवरब्रिज (ROB) अब भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ यह आरओबी बेहद कम समय में ही जर्जर हालत में पहुंच गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डेढ़ साल में ही पुल की हालत बदतर
Khokhsa ROB corruption, जिस आरओबी को वर्षों तक सुरक्षित यातायात के लिए बनाया गया था, उसकी हालत डेढ़ साल में ही चिंताजनक हो चुकी है। पुल की सतह, संरचना और मजबूती को लेकर स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम अवधि में किसी पुल का खराब होना सीधे तौर पर निर्माण में लापरवाही और मानकों की अनदेखी को दर्शाता है।
मरम्मत के लिए 47 लाख का प्रस्ताव, सवाल बरकरार
Khokhsa ROB corruption, स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेतु विभाग द्वारा आरओबी की मरम्मत के लिए करीब 47 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। सवाल यह नहीं है कि मरम्मत क्यों की जा रही है, बल्कि असली सवाल यह है कि इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत आखिर क्यों पड़ी?
गुणवत्ता से समझौते की आशंका
Khokhsa ROB corruption, जानकारों का मानना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों से गंभीर समझौता किया गया। यदि कार्य नियमानुसार होता, तो इतने कम समय में पुल की मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़ती। आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह स्थिति संभव नहीं है।
अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
Khokhsa ROB corruption, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आरओबी निर्माण कराने वाले ठेकेदार और निर्माण की निगरानी करने वाले इंजीनियरों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। केवल मरम्मत का प्रस्ताव भेजकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जिम्मेदारी तय करना कहीं अधिक जरूरी है।
कड़ी कार्रवाई की उठी मांग
Khokhsa ROB corruption, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि—
आरओबी निर्माण कराने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए
निर्माण की देखरेख करने वाले जिम्मेदार इंजीनियरों को निलंबित किया जाए
पूरे मामले की विभागीय और तकनीकी जांच कराई जाए
ताकि कथित भ्रष्टाचार का पूरा सच सामने आ सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।
जनता की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़
Khokhsa ROB corruption, खोखसा आरओबी केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार सीधे तौर पर आम जनता की जान जोखिम में डालने जैसा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मामले पर कब और क्या ठोस कदम उठाते हैं।
