breaking Raipur: गौ माता की हत्या और गौ तस्करी के खिलाफ सर्व हिंदू समाज का ऐतिहासिक प्रदर्शन

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NV news Raipur: आज रायपुर में गौ माता की हत्या और गौ तस्करी के बढ़ते मामलों के विरोध में सर्व हिंदू समाज ने एक विशाल प्रदर्शन किया। राजधानी के घड़ी चौक पर हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग एकत्रित हुए, जिनमें धर्माचार्य संत, समाजसेवी, युवा और महिलाएं शामिल थीं। इस प्रदर्शन का उद्देश्य गौ माता की हत्या और गौ तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करना था। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई और गौ माता की सुरक्षा की अपनी मांग को बुलंद किया।

प्रदर्शन की शुरुआत घड़ी चौक से हुई, जहां प्रदर्शनकारी पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में झंडे और बैनर लिए हुए थे। उनके नारे ‘गौ माता की जय’ और ‘गौ हत्या बंद करो’ से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गौ माता की हत्या और तस्करी की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है, और ऐसे मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके बाद, सर्व हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक पर चक्काजाम किया। इस चक्काजाम में सैकड़ों लोगों ने सड़क को जाम कर दिया और प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने किसी भी प्रकार की हिंसा से बचते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाई।

इसके बाद, प्रदर्शनकारियों का विशाल जुलूस एसपी कार्यालय की ओर बढ़ा। जुलूस में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों के साथ नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के साथ आ रहे लोगों में उत्साह और गुस्सा दोनों था। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो यह आंदोलन और भी व्यापक और उग्र रूप धारण करेगा।

जब जुलूस एसपी कार्यालय पहुंचा, तो समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई और कहा गया कि गौ माता की हत्या और गौ तस्करी को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि गौ माता की सुरक्षा हिंदू समाज के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

सर्व हिंदू समाज का यह प्रदर्शन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि हिंदू समाज की एकजुटता और संकल्प का प्रतीक बन गया। इस प्रदर्शन के दौरान यह साफ तौर पर देखा गया कि पूरे समाज में गौ माता के प्रति गहरी श्रद्धा और उनके संरक्षण की आवश्यकता को लेकर एक गुस्सा और एकजुटता थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे गौ माता की हत्या या तस्करी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रायपुर के इतिहास में यह प्रदर्शन एक मील का पत्थर साबित हुआ। यह पहली बार था जब इतनी बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि हिंदू समाज अपनी धार्मिक मान्यताओं और गौ माता के प्रति अपनी श्रद्धा में कभी भी पीछे नहीं हटेगा।

प्रदर्शन में शामिल कई समाजसेवियों ने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द गौ तस्करी और गौ हत्या के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस आंदोलन को और भी बड़ा और व्यापक बनाएंगे।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि हिंदू समाज कभी भी हिंसा की ओर नहीं बढ़ेगा, लेकिन यदि उनकी आवाज को नजरअंदाज किया गया तो वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अपना तरीका नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान कुछ महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल हुईं और उन्होंने भी अपने अधिकारों की रक्षा करने की बात की।

प्रदर्शन में शामिल एक समाजसेवी ने कहा, “गौ माता केवल हमारे धार्मिक विश्वास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि हमारे समाज की संरचना का भी अभिन्न हिस्सा हैं। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए खड़ा होना होगा।”

प्रदर्शन के अंत में, समाज के नेताओं और प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित किया कि उनका संदेश प्रशासन तक पहुंचे और गौ माता की हत्या और तस्करी के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए।

छत्तीसगढ़ में यह प्रदर्शन अपने आप में एक अनूठा उदाहरण बना है कि कैसे समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर अपनी धार्मिक आस्थाओं और संस्कृतियों की रक्षा के लिए खड़ा हो सकते हैं। यह प्रदर्शन केवल छत्तीसगढ़ नहीं, बल्कि पूरे देश के हिंदू समाज के लिए एक प्रेरणा बना है, जो अपने धार्मिक विश्वासों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है।

इस प्रकार, रायपुर में हुआ यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक मजबूत संदेश दे गया कि हिंदू समाज गौ माता की सुरक्षा और सम्मान के लिए एकजुट है और इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है।

 

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