रायपुर के स्कूल में खूनी खेल: क्लासरूम बना अखाड़ा, नाबालिग छात्रों ने सरेआम लहराया चाकू; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल…NV News

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। शहर के एक सरकारी स्कूल का क्लासरूम उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब मामूली विवाद के बाद नाबालिग छात्र आपस में भिड़ गए। हैरानी और चिंता की बात यह है कि इस झगड़े के दौरान छात्रों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए क्लासरूम के भीतर ही सरेआम चाकू लहराया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अभिभावकों और प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्र एक-दूसरे पर लात-घूसों से हमला कर रहे हैं। इसी बीच, एक छात्र अपनी जेब से फोल्डिंग चाकू निकालता है और दूसरे छात्र को डराने के लिए उसे हवा में लहराता है। क्लास में मौजूद अन्य छात्र डरकर शोर मचा रहे हैं, लेकिन कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वीडियो को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन नाबालिगों के मन में कानून और स्कूल के अनुशासन का जरा भी खौफ नहीं बचा है।

यह घटना राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र के एक स्कूल की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्रों के दो गुटों के बीच किसी पुरानी रंजिश या आपसी कहासुनी को लेकर अनबन थी, जो क्लासरूम के भीतर हिंसक संघर्ष में बदल गई। चाकूबाजी की इस नौबत ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर छात्र स्कूल परिसर के भीतर घातक हथियार लेकर कैसे पहुंच गए और क्या उस वक्त कोई शिक्षक वहां मौजूद नहीं था?

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। टिकरापारा थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल नाबालिगों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी काउंसलिंग की जाएगी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने भी अनुशासनहीनता बरतने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें स्कूल से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर उपलब्ध हिंसक कंटेंट बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर रहा है। रायपुर पुलिस ने इस मामले के बाद सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों के बैग की नियमित औचक जांच (Surprise Check) की जाए, ताकि स्कूल जैसी पवित्र जगह पर हथियारों के प्रवेश को पूरी तरह से रोका जा सके।

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