Bilaspur Flyover Project: CM विष्णुदेव साय की हाई प्रोफाइल बैठक में अटके प्रोजेक्ट्स पर होगा बड़ा फैसला
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बिलासपुर। Bilaspur Flyover Project, छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार ने शहरी विकास को नई गति देने की तैयारी कर ली है। शहरों में वर्षों से लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार अब शहर-वार हाई प्रोफाइल बैठकें करने जा रही है। इस क्रम में सबसे पहले बिलासपुर को चुना गया है।
Bilaspur Development, राजधानी मंत्रालय में कल सुबह 11 बजे होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित बिलासपुर जिले के चारों विधायक — अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला मौजूद रहेंगे।
Bilaspur Development, बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वित्त सचिव मुकेश बंसल भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य शहर के अटके प्रोजेक्ट्स का मौके पर ही समाधान निकालना है।
तीन नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव
Bilaspur Development, सूत्रों के मुताबिक, बिलासपुर की संकरी सड़कों और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तीन नए फ्लाईओवर बनाने पर सहमति बन सकती है।
पहला फ्लाईओवर रायपुर रोड से राजीव गांधी चौक होते हुए नेहरू चौक और महामाया चौक तक प्रस्तावित है। यह वाई-शेप में होगा, जिसका एक हिस्सा रतनपुर और दूसरा सीपत की ओर जाएगा।
दूसरा फ्लाईओवर इमलीपारा से जगमल चौक तक बनाया जाएगा, जिससे पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
तीसरा प्रस्ताव तारबाहर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) का है, जहां रोजाना सुबह-शाम भारी जाम की स्थिति बनती है।
अगर मंजूरी मिलती है तो ये परियोजनाएं 6 से 7 साल में पूरी हो सकती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर जोर
Bilaspur Development, बैठक में यातायात, पार्किंग व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, अरपा नदी पर नए पुलों का निर्माण, पेयजल और सामुदायिक भवनों जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा तैयार संयुक्त प्रस्ताव पर विधायकों के सुझाव भी लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने पहले ही बिलासपुर के लंबित प्रोजेक्ट्स की पूरी रिपोर्ट मंगा ली है। बैठक में अधिकारियों से पूछा जाएगा कि योजनाएं किन कारणों से अटकी हैं — फंड, तकनीकी अड़चन या प्रशासनिक देरी। जहां जरूरत होगी, वहीं समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश में पहली बार ऐसा मॉडल
Bilaspur Development, यह बैठक छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली हाई प्रोफाइल शहरी विकास बैठक मानी जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस अधीक्षक तक एक मंच पर होंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर उतरें।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह के अनुसार, बढ़ती आबादी के हिसाब से शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना समय की जरूरत है। बैठक के निष्कर्षों के आधार पर बिलासपुर समेत अन्य शहरों के लिए भी विकास की नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
