भिलाई में साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक: ठगी की रकम खपाने वाले 6 बैंक खाताधारक पुलिस की गिरफ्त में…NV News
Share this
भिलाई/दुर्ग। छत्तीसगढ़ की स्टील सिटी भिलाई में साइबर अपराधियों के मददगारों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साइबर ठगी के जरिए आम जनता की गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाने और उसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के मामले में पुलिस ने 6 खाताधारकों (Account Holders) पर बड़ी कार्रवाई की है। ये आरोपी ठगों के सिंडिकेट को अपने बैंक खाते ‘किराये’ पर उपलब्ध कराते थे या फिर कमीशन के लालच में अवैध ट्रांजेक्शन का हिस्सा बनते थे।
साइबर सेल और भिलाई पुलिस का संयुक्त एक्शन
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग साइबर सेल और स्थानीय थानों की टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों से मिली शिकायतों के बाद तकनीकी जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया कि ठगी की शिकार हुई राशि भिलाई के इन 6 व्यक्तियों के बैंक खातों में पहुंची थी। इन खातों से कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी रकम का विड्रॉल (Withdrawal) या अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया था।
कमीशन के लालच में बने ‘मनी म्यूल’
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी मामूली कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को अपनी बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी (OTP) साझा करते थे। पुलिस ऐसे खाताधारकों को ‘मनी म्यूल’ मान रही है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों की मदद कर रहे हैं।
प्रमुख कार्रवाई के बिंदु:
खातों को किया गया फ्रीज: पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन वाले सभी बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) करवा दिया है।
बड़ी बरामदगी: आरोपियों के पास से कई बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश: पुलिस अब इन खाताधारकों के जरिए उस मुख्य सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो भिलाई में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
पुलिस की चेतावनी: खाता किराये पर देना अपराध है
भिलाई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक या यूपीआई पिन साझा न करें। कमीशन के लालच में किसी और के पैसे अपने खाते में मंगवाना आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है।
