जमीन गाइडलाइन बढ़ोतरी पर भूपेश बघेल का हमला: “अव्यावहारिक आदेश, बड़ा खेल होने वाला है”

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जमीन की गाइडलाइन बढ़ोतरी को लेकर मौजूदा सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय पूरी तरह अव्यावहारिक है, जिसके कारण प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया लगभग ठप हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग न जमीन खरीद पा रहे हैं और न बेच पा रहे हैं, जो किसी बड़े खेल का संकेत है। बघेल ने कहा कि व्यापारी भी इसके विरोध में आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार आदेश वापस लेने को तैयार नहीं है।

SIR प्रक्रिया पर बघेल का सवाल

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने SIR प्रक्रिया को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SIR की वजह से कई BLO मानसिक दबाव में हैं और कई की मौत भी हो चुकी है। बघेल ने तंज कसते हुए पूछा कि जब मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और यूपी में फिलहाल कोई चुनाव नहीं है, तो सिर्फ एक महीने का समय क्यों दिया गया? उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की संख्या अभी तक किसी राज्य ने स्पष्ट नहीं की और गृह मंत्रालय के पत्र का भी पालन नहीं हो रहा।

संचार साथी ऐप पर उठाए सवाल

टेलिकम्युनिकेशन विभाग द्वारा 2026 से सभी नए मोबाइलों में “संचार साथी ऐप” को अनिवार्य करने के निर्देश पर भी बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए नागरिकों की निजी जानकारी जुटाई जाएगी। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार नागरिकों से डरी हुई है और बिना कारण निगरानी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ में ड्रग माफिया पकड़ा गया था, उसका क्या हुआ किसी को नहीं पता।”

बस्तर पर राजनीतिक हमला

बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी पर भी बघेल ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बस्तर के लिए एक फूटी कौड़ी नहीं दी, लेकिन अब जमीन, जंगल और खनिज पर नजरें जमाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि “कहीं जमीन की गाइडलाइन बढ़ोतरी का संबंध बस्तर से तो नहीं?”

बघेल ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने बस्तरवासियों को जमीन वापस दिलाई और वन अधिकार पट्टे बांटे थे। उन्होंने चुनौती दी कि वर्तमान सरकार बस्तर के लिए किए गए अपने किसी एक कार्य का प्रमाण दे।

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