भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: रिकॉर्ड छुपाने के मामले में याचिका खारिज…NV News

Share this

भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निर्वाचन के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी और रिकॉर्ड छुपाने के आरोपों का सामना कर रहे विधायक को अब सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में दायर उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामले की राह और भी कठिन हो गई है, जिससे भिलाई की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

यह पूरा मामला उनके निर्वाचन नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र में जानकारी छुपाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि देवेंद्र यादव ने चुनाव के समय अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों या संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड्स को छिपाया था। इसी मामले को लेकर निचली अदालतों और हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा था। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका के मेरिट पर विचार करने के बाद इसे सुनवाई के योग्य नहीं माना और याचिका को खारिज करने का आदेश दिया।

विपक्ष ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘सत्य की जीत’ बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए और जानकारी छिपाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। दूसरी ओर, देवेंद्र यादव के समर्थकों का मानना है कि यह एक तकनीकी मामला है और वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर अगले कदम पर विचार करेंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस रुख ने विधायक की विधानसभा सदस्यता पर संभावित खतरों की चर्चा छेड़ दी है।

बता दें कि देवेंद्र यादव छत्तीसगढ़ के चर्चित युवा नेताओं में से एक हैं और हाल के दिनों में वे अन्य जांच एजेंसियों के निशाने पर भी रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा झटके के बाद अब उनके खिलाफ चल रहे इलेक्शन पिटीशन (Election Petition) में तेजी आने की संभावना है। यदि रिकॉर्ड छुपाने के आरोप सिद्ध होते हैं, तो भविष्य में उनके चुनाव को शून्य घोषित करने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। फिलहाल, यह फैसला छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए एक बड़े राजनीतिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

Share this

You may have missed