बस्तर की झांकी गुजरात एकता परेड में छाई,छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने जीता देश का दिल…NV News

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कवर्धा( कबीरधाम): राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात की धरती पर आयोजित भव्य एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का ऐसा संगम पेश किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और विकास यात्रा पर आधारित इस झांकी ने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को गौरवान्वित किया, बल्कि पूरे देश के बीच राज्य की अनोखी छवि भी पेश की।

डिप्टी सीएम और कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने सोशल मीडिया पर झांकी का वीडियो साझा करते हुए गर्व व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि “राष्ट्रीय एकता दिवस पर बस्तर की धरती से उपजी यह झांकी हमारे छत्तीसगढ़ की आत्मा और सृजनशीलता का प्रतीक है। इसने गुजरात की धरती पर हमारे राज्य की संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन किया है।”

झांकी में बस्तर के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, और जनजातीय परंपराओं को बखूबी दर्शाया गया। साथ ही आधुनिक छत्तीसगढ़ की प्रगति- जैसे शिक्षा, तकनीक और महिला सशक्तिकरण – को भी खूबसूरती से जोड़ा गया था। परेड में शामिल लोगों ने बस्तर की पारंपरिक धुनों और कलाकारों की प्रस्तुति पर तालियां बजाकर सराहना की।

इस झांकी का मुख्य संदेश था- “संस्कृति से विकास तक छत्तीसगढ़ की यात्रा”। झांकी के माध्यम से यह दिखाया गया कि कैसे राज्य ने अपनी जड़ों को संभालते हुए आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाए हैं।

विजय शर्मा ने कहा, “यह हमारे कलाकारों, शिल्पकारों और युवाओं की मेहनत का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय मंच पर चमक रही है। बस्तर की संस्कृति विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रही है।”

परेड में शामिल दर्शकों ने कहा कि बस्तर की झांकी सबसे अलग और जीवंत थी- रंग, संगीत और लोकसंस्कृति का ऐसा समन्वय शायद ही किसी और राज्य की झांकी में देखने को मिला हो।

गुजरात में आयोजित इस राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह ने जहां सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को ऐतिहासिक बना दिया, वहीं छत्तीसगढ़ की झांकी ने यह साबित किया कि देश की एकता उसकी विविधता में ही बसती है।

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