बलरामपुर: स्कूल के गेट पर लटकता रहा ताला, तपती धूप में गुरुजी का इंतज़ार करते रहे नौनिहाल; प्रधान पाठक समेत पूरा स्टाफ नदारद…NV News

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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में ‘पढ़बो-लिखबो’ के सरकारी दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ एक शासकीय प्राथमिक शाला में निर्धारित समय के घंटों बाद भी ताला नहीं खुला। आलम यह था कि स्कूल के नन्हे बच्चे अपनी किताबें और बस्ता थामे स्कूल के बाहर बैठकर शिक्षकों का इंतज़ार करते रहे, लेकिन न तो स्कूल के प्रधान पाठक पहुँचे और न ही कोई सहायक शिक्षक।

क्या है पूरी घटना?

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने का समय सुबह का है, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी जब कोई जिम्मेदार कर्मचारी वहां नहीं पहुँचा, तो बच्चों ने स्कूल के गेट पर ही अपना डेरा डाल लिया। ग्रामीणों ने इस पूरी लापरवाही का वीडियो भी बनाया है, जिसमें बच्चे बंद ताले के सामने लाचार खड़े नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी चरम पर है। शिक्षक अपनी मर्जी से स्कूल आते-जाते हैं और अधिकारियों की मॉनिटरिंग न होने के कारण ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

अधिकारियों की चुप्पी और ग्रामीणों का आक्रोश:

जब बच्चों के परिजनों ने शिक्षकों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार बेहतर भविष्य के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर शिक्षक अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं हैं। मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जांच की बात कही है। विभाग ने संबंधित प्रधान पाठक और शिक्षकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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