Tech-Driven Agriculture: आधुनिक खेती का नया दौर; अब सहकारी समितियों से किसानों को किराए पर मिलेगा ‘ड्रोन स्प्रेयर’….NV News

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NV News रायपुर, 21 जुलाई 2026। कृषि क्षेत्र को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। जिले की 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में ‘ड्रोन स्प्रेयर’ सुविधा की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने पूजा-अर्चना कर इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के दौरान प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने बारिश की हल्की फुहारों के बीच ड्रोन स्प्रेयर का लाइव प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, समय की बचत, कम लागत और फसल सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं को प्रदर्शित किया गया।

समय और लागत में भारी कमी: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा:

किसानों की बदलेगी तकदीर:

आज का दिन जिले के कृषि इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से बेहद कम समय में अधिक से अधिक क्षेत्रफल में छिड़काव संभव हो सकेगा, जिससे रसायनों का नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे किसानों के पैसे और श्रम दोनों की भारी बचत होगी तथा खेतों में सीधे उतरे बिना ही फसलों को सुरक्षा मिलेगी। ‘ड्रोन दीदी’ पहल से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की।

5 समितियों से मिलेगा ड्रोन, 50 हजार एकड़ छिड़काव का लक्ष्य

प्रारंभिक चरण में जिले की 5 प्रमुख सहकारी समितियों में यह सुविधा दी जा रही है:

चिन्हित समितियां: बलौदाबाजार, कसडोल, बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा)।

उपलब्धता और लक्ष्य: इन 5 समितियों में कुल 11 ड्रोन तैनात किए गए हैं। सहकारिता विभाग ने चालू वर्ष में लगभग 50 हजार एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य तय किया है।

आवेदन प्रक्रिया: किसानों को अपनी समिति में जाकर छिड़काव की तारीख और क्षेत्रफल (रकबा) बताकर पर्ची कटवानी होगी। तय तिथि पर ड्रोन पायलट मशीन के साथ खेत पहुंचेगा, जहां किसान को केवल खाद या दवा उपलब्ध करानी होगी।

मिनी बैंक बनीं समितियां, उत्कृष्ट कर्मी और किसान हुए सम्मानित

कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि जिले की सभी समितियां अब पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं और मिनी बैंक के रूप में कार्य कर रही हैं, जहां माइक्रो एटीएम (Micro ATM) की सुविधा भी शुरू हो चुकी है।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 समिति प्रबंधकों और ई-पैक्स (e-PACS) में सराहनीय कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 9 किसानों को केसीसी (KCC) चेक और 2 कृषकों को लर्निंग लाइसेंस का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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