आर्मी अग्निवीर भर्ती 2026: आवेदन से पहले जान लें ‘ट्रेड प्रेफरेंस’ का नया नियम, छोटी सी चूक से मेरिट में आने पर भी नहीं मिलेगी नौकरी

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भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय (Join Indian Army) ने अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणी के लिए एक नया नियम अधिसूचित किया है, जिसके अनुसार अब अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करते समय अपनी पसंद के ट्रेड्स (Trade Preference) का विकल्प खुद ही भरना होगा। सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी ट्रेड का चयन नहीं करता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नए नियम के मुताबिक, अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं पास) श्रेणी के अभ्यर्थी अधिकतम 9 अलग-अलग ट्रेड्स का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं, अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास) श्रेणी के उम्मीदवारों को केवल 2 ट्रेड्स के विकल्प दिए जाएंगे। सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकताओं में किसी विशिष्ट ट्रेड को शामिल नहीं करता है, तो लिखित परीक्षा और फिजिकल में टॉप मेरिट में होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया जाएगा। चयन पूरी तरह से चुनी गई ट्रेड और उसकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

इस बदलाव के पीछे का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। सेना के नोटिस में कहा गया है कि यदि अभ्यर्थी द्वारा चुनी गई प्राथमिकता वाले ट्रेड्स में रिक्तियां (Vacancies) नहीं होंगी, तो उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा, भले ही उसके अंक कितने भी अच्छे क्यों न हों। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार सभी उपलब्ध विकल्पों को प्राथमिकता के आधार पर जरूर भरें।

भर्ती प्रक्रिया की अन्य सूचनाओं की बात करें तो, वर्ष 2026 की अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 फरवरी से शुरू होने की संभावना थी, लेकिन फिलहाल आधिकारिक वेबसाइट से तारीख हटा ली गई है और जल्द ही नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। इस बार एक और बड़ा अपडेट यह है कि अभ्यर्थियों को एक ही आवेदन फार्म में दो अलग-अलग पदों (जैसे जीडी और क्लर्क) के लिए विकल्प चुनने का मौका मिल सकता है, बशर्ते वे दोनों के लिए पात्रता मानदंड पूरे करते हों।

अग्निवीर भर्ती के लिए आयु सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच ही रखी गई है। शैक्षणिक योग्यता में जीडी के लिए 10वीं में 45% अंक, जबकि क्लर्क/स्टोर कीपर के लिए 12वीं में 60% अंक अनिवार्य हैं। ट्रेड प्रेफरेंस के इस नए नियम ने उन युवाओं के लिए चुनौती बढ़ा दी है जो आवेदन भरते समय इसे नजरअंदाज कर देते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म भरते समय कंप्यूटर कैफे ऑपरेटर के भरोसे रहने के बजाय अभ्यर्थी स्वयं अपनी ट्रेड प्रायोरिटी चेक करें।

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