आरंग-घुमराभाटा रोड: करोड़ों की सड़क में भ्रष्टाचार की दरारें! पहली बारिश भी नहीं झेल पाई डामर की परत, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा…NV News

Share this

रायपुर जिले के आरंग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आरंग से घुमराभाटा तक बनाई जा रही सड़क अपनी गुणवत्ता को लेकर विवादों में घिर गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और कई जगहों से डामर की परत उखड़ने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे यह सड़क पहली बारिश भी झेल पाने में सक्षम नहीं दिख रही।

हाथों से निकल रही गिट्टियां, ग्रामीणों ने दिखाया ‘घटिया खेल’

ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता का प्रदर्शन करते हुए दिखाया कि डामर की परत इतनी कमजोर है कि उसे हाथों या पैरों से कुरेदने पर गिट्टियां बाहर निकल रही हैं। उनका आरोप है कि:

मिट्टी युक्त गिट्टी का उपयोग: सड़क के बेस में मानक स्तर की गिट्टी के बजाय मिट्टी मिली हुई सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

डामर की कमी: सड़क की ऊपरी सतह पर डामर की मात्रा बहुत कम रखी गई है, जिससे पकड़ कमजोर हो गई है।

अधूरा काम और धूल: काम की सुस्त रफ्तार और उड़ती धूल के कारण राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति में ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। बिना किसी तकनीकी पर्यवेक्षण (Supervision) के रात के अंधेरे में भी डामरीकरण का काम किया गया, ताकि कमियों को छिपाया जा सके। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक से करने की चेतावनी दी है।

प्रशासनिक जांच की मांग

घुमराभाटा और आसपास के गांवों के लोगों ने मांग की है कि:

सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।

घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

उखड़ी हुई सड़क को खोदकर फिर से मानक मानदंडों के अनुसार बनाया जाए।

विभाग का पक्ष

इस संबंध में संबंधित विभाग (PWD) के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच करेंगे और यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाई जाएगी और उसे दोबारा सड़क बनाने का निर्देश दिया जाएगा।

Share this

You may have missed