बहादुरी की मिसाल: धधकते जंगल में ‘यमदूत’ बनी आग से भिड़ गए दो मासूम, साहस देख वन विभाग के अफसर भी दंग…NV News
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छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र से साहस और पर्यावरण प्रेम की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया है। जहाँ एक ओर भीषण गर्मी और सूखे के चलते जंगलों में ‘दावानल’ (आग) तेजी से फैल रही है, वहीं दो छोटे बच्चों ने अपनी जान की परवाह किए बिना धधकती आग पर काबू पाकर सैकड़ों पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा की। इन बच्चों का वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद खुद वन विभाग के आला अधिकारी भी उनकी बहादुरी को सलाम कर रहे हैं।
घटना उस वक्त की है जब जंगल के एक बड़े हिस्से में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते लपटें पेड़ों के ऊपरी हिस्सों तक पहुँचने लगीं। इससे पहले कि वन विभाग की ‘फायर वाचिंग’ टीम मौके पर पहुँचती, इन दो स्थानीय बच्चों ने पारंपरिक तरीकों (हरी टहनियों और मिट्टी) का इस्तेमाल कर आग की दिशा को मोड़ने और उसे बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। उनके छोटे-छोटे कदम और निडरता ने आग के फैलाव को सीमित कर दिया, जिससे एक बड़ी प्राकृतिक आपदा टल गई।
जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, तो वे यह देखकर हैरान रह गए कि इतनी भीषण गर्मी और धुएं के बीच ये बच्चे डटे हुए थे। विभाग के बीट गार्ड और अधिकारियों ने बच्चों के इस अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने की बात कही है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए उम्र नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और साहस की जरूरत होती है। इन ‘बालवीरों’ ने न केवल जंगल बचाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी प्राकृतिक संपदा की रक्षा करे।
