AI Monitoring: अब मोबाइल ऐप से लगेगी शिक्षकों की हाजिरी, होगी रियल टाइम निगरानी…NV News

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रायपुर /(AI Monitoring): छत्तीसगढ़ के पांच जिलों-महासमुंद, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर और रायगढ़ में अब सरकारी शिक्षकों को मोबाइल एप के जरिए ही हाजिरी लगानी होगी। यह एप केवल स्कूल की 50 मीटर परिधि में ही सक्रिय होगा, जिससे शिक्षक घर या किसी अन्य स्थान से उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाएंगे। इस डिजिटल प्रणाली से शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

एआई आधारित इस विशेष एप को आईआईटी भिलाई के सहयोग से तैयार किया गया है। इसके पायलट परीक्षण में 20 हजार शिक्षक शामिल हुए थे और यह पूरी तरह सफल रहा। मंगलवार से इसे पांच जिलों में लागू कर दिया गया है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी 56,080 सरकारी स्कूलों, 1.80 लाख शिक्षक और 56 लाख विद्यार्थी इस प्रणाली से जुड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च 2025 को बिलासपुर से विद्या समीक्षा केंद्र का शुभारंभ किया था। इसके बाद इस परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाया गया। रायपुर में स्थित समग्र शिक्षा केंद्र से सभी जिलों की निगरानी की जाएगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि इस व्यवस्था से शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। एप के जरिए प्रधानाध्यापक अपने स्कूल के पूरे स्टाफ की हाजिरी, अवकाश और कक्षा संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे। साथ ही, वे रिपोर्ट डाउनलोड करने, अलर्ट पाने और जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी करने में भी सक्षम होंगे।

एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल स्कूल परिसर के भीतर ही काम करेगा। शिक्षक को विद्यालय पहुंचने के बाद ही एप से हाजिरी लगानी होगी। जैसे ही हाजिरी दर्ज होगी, जानकारी सीधे जिला मुख्यालय और राज्य स्तर तक पहुंच जाएगी। अफसर तुरंत देख सकेंगे कि किस स्कूल में कितने शिक्षक मौजूद हैं।

इससे न केवल शिक्षकों की उपस्थिति पारदर्शी होगी, बल्कि छात्रों की हाजिरी भी डिजिटल रूप से दर्ज होगी। पहले गरियाबंद और जांजगीर-चांपा जिलों में यह प्रयोग किया गया था, जो सफल रहा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रणाली से शिक्षकों में अनुशासन बढ़ेगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा। आने वाले महीनों में इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।

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