भाजपा में ‘नवीन’ युग की शुरुआत: 45 की उम्र में नितिन नवीन बने सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ…NV News
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भारतीय राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बिहार के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन को भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मात्र 45 वर्ष की आयु में इस प्रतिष्ठित पद की जिम्मेदारी संभालकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। वे भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। इस घोषणा के साथ ही दिल्ली से लेकर पटना और रायपुर तक जश्न का माहौल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नवीन की नियुक्ति पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में उनके ऊर्जावान नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। जेपी नड्डा के कार्यकाल के बाद, भाजपा ने एक युवा चेहरे पर दांव खेलकर यह संकेत दे दिया है कि पार्टी अब अगली पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करने के मिशन पर है।
नितिन नवीन की यह उपलब्धि उनके वर्षों के जमीनी संघर्ष और संगठनात्मक कौशल का परिणाम है। बिहार सरकार में मंत्री रहे और पटना से विधायक नितिन नवीन ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में अपनी रणनीति का लोहा मनवाया था। उनके कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी। उनकी इसी कार्यक्षमता और युवाओं के बीच पकड़ को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नितिन नवीन को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर लिया है। एक युवा अध्यक्ष होने के नाते वे देश के युवा मतदाताओं से सीधे जुड़ने में सक्षम होंगे। साथ ही, आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और सांगठनिक विस्तार में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। नितिन नवीन ने अपनी नियुक्ति के बाद शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन की मजबूती के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।
भाजपा मुख्यालय में जल्द ही भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से न केवल बिहार की राजनीति का कद बढ़ा है, बल्कि हिंदी पट्टी के राज्यों में भी कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया है। अब सभी की निगाहें उनकी नई टीम और आने वाले समय में उनके द्वारा किए जाने वाले रणनीतिक बदलावों पर टिकी हैं। यह नियुक्ति भारतीय राजनीति में ‘युवा शक्ति’ के उदय का एक सशक्त प्रमाण है।
