जांजगीर में ‘चमत्कार’: बंदर ने मां की गोद से छीनी 15 दिन की मासूम, फिर कुएं में गिराया; मौत को मात देकर सुरक्षित बाहर आई नन्हीं जान…NV News
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जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के सक्ती क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बंदर ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए एक 15 दिन की नवजात बच्ची को उसकी मां की गोद से छीन लिया और भागते हुए पास के एक गहरे कुएं में गिरा दिया। पूरा गांव इस मंजर को देख सन्न रह गया और बच्ची की मौत निश्चित मान ली गई थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। करीब आधे घंटे तक पानी में रहने के बाद भी बच्ची सुरक्षित बाहर निकाल ली गई, जिसे लोग ‘ईश्वरीय चमत्कार’ कह रहे हैं।
यह घटना उस वक्त हुई जब मां अपनी नवजात बच्ची को घर के आंगन में लेकर बैठी थी। तभी अचानक एक बंदर वहां पहुँचा और पलक झपकते ही बच्ची को झपट लिया। मां के शोर मचाने पर बंदर बच्ची को लेकर छत पर चढ़ा और फिर उसे पास के कुएं में फेंक दिया। गांव वालों ने तुरंत साहस दिखाया और कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। हैरत की बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने और पानी में डूबने के बावजूद बच्ची की सांसें चल रही थीं।
घटना के मुख्य बिंदु और चमत्कारिक बचाव:
आधे घंटे का संघर्ष: बच्ची कुएं के ठंडे पानी में करीब 30 मिनट तक रही। स्थानीय युवकों ने जान जोखिम में डालकर कुएं में छलांग लगाई और बच्ची को बाहर निकाला।
अस्पताल में उपचार: बच्ची को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे खतरे से बाहर घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इतनी छोटी बच्ची ने इस सदमे को झेल लिया।
बंदरों का आतंक: इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का उत्पात काफी बढ़ गया है और वे अब घरों के भीतर घुसकर बच्चों को निशाना बना रहे हैं।
प्रशासन से गुहार: ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हमलावर बंदरों को पकड़ा जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को टाला जा सके।
फिलहाल मासूम बच्ची अपनी मां के पास है और पूरी तरह स्वस्थ है। इस घटना की चर्चा पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ की कहावत का जीवंत उदाहरण बता रहे हैं।
