Mungeli:पेंडाराकापा में बड़ा हादसा टला, 50 फीट गहरे कुएँ में गिरे नंदी महाराज को 5 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया

Oplus_131072

Share this

NV News mungeli:पेंडाराकापा के रामायण चौक के पास उस समय हड़कंप मच गया जब नंदी महाराज अचानक लगभग 40 से 50 फीट गहरे कुएँ में गिर गए। यह हादसा देखते ही देखते पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थिति इसलिए और भी भयावह हो गई क्योंकि कुएँ के भीतर पानी भरा हुआ था और उसमें साँप भी मौजूद था, जिससे नंदी महाराज की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गौ सेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। कुएँ की गहराई और पानी के स्तर के कारण नंदी महाराज को बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। लगातार प्रयासों के बावजूद शुरूआती दौर में सफलता नहीं मिल पा रही थी, लेकिन सभी ने हार नहीं मानी और समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।

करीब 4 से 5 घंटे तक चले इस जटिल राहत अभियान में भाई विश्वनाथ पटेल के साथ पुलिस प्रशासन की ओर से भैया विकास ठाकुर, योगेश यादव और उनके साथी लगातार मौके पर डटे रहे। इसके अलावा गौ सेवा धाम, जिला मुंगेली की टीम ने भी पूरे समर्पण और साहस के साथ राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई। रस्सियों, मजबूत जाल और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक नंदी महाराज को कुएँ से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

कुएँ के अंदर साँप की मौजूदगी ने रेस्क्यू टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं, लेकिन टीम ने सतर्कता और सूझबूझ से काम लेते हुए नंदी महाराज को बिना किसी गंभीर चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही नंदी महाराज को बाहर लाया गया, मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और “गौ माता की जय” के नारे गूंज उठे।

नंदी महाराज को तुरंत डॉक्टर बुलाकर प्राथमिक उपचार दिलाया गया। डॉक्टरों की जांच के बाद कुछ ही देर में उनकी हालत में सुधार नजर आने लगा और वे पहले की तरह सामान्य होते दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर सभी ने राहत महसूस की और इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी लोगों की जमकर सराहना की।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सभी लोग एकजुट होकर प्रयास नहीं करते, तो परिणाम गंभीर हो सकता था। पुलिस प्रशासन, समाजसेवियों और गौ सेवा धाम की टीम के सामूहिक प्रयास से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपसी सहयोग, मानवता और सेवा भावना के बल पर किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। पेंडाराकापा में हुआ यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल एक मिसाल बन गया, बल्कि समाज में गौ रक्षा और सेवा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दे गया।

Share this