देश के लिए भारी क्षति: जम्मू-कश्मीर में सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, 10 जवान शहीद, 7 गंभीर रूप से घायल….
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श्रीनगर/जम्मू: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी इलाके में भारतीय सेना का एक ट्रक गुरुवार को भीषण हादसे का शिकार हो गया। नियमित गश्त और जवानों के रोटेशन के दौरान सेना का वाहन अनियंत्रित होकर कई सौ फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 10 जांबाज जवानों के शहीद होने की पुष्टि हुई है, जबकि 7 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को मलबे से निकालकर सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा खराब मौसम और फिसलन भरी सड़क के कारण हुआ। जिस समय वाहन खाई में गिरा, उस समय इलाके में दृश्यता (Visibility) काफी कम थी। सूचना मिलते ही सेना की बचाव इकाइयों, स्थानीय पुलिस और आपदा राहत दल (SDRF) ने युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, हेलीकॉप्टर और रस्सियों की मदद से जवानों को बाहर निकाला गया।
हादसे के मुख्य विवरण:
शहादत और वीरता: शहीद हुए जवानों में अधिकारी और अन्य रैंक के कर्मी शामिल हैं। भारतीय सेना ने उनके परिवारों को सूचित कर दिया है और पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई की तैयारी की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टरों का उपयोग घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए किया गया। सेना के कमांडो और स्थानीय निवासियों ने भी बचाव कार्य में मदद की।
खराब मौसम का कहर: प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भारी बारिश या बर्फबारी के कारण सड़क पर फिसलन थी, जिससे चालक ने मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो दिया।
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी: भारतीय सेना ने इस दुखद घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (जांच) के आदेश दे दिए हैं।
देश में शोक की लहर: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
शहीद जवान विभिन्न रेजिमेंटों से जुड़े थे जो इस संवेदनशील इलाके में तैनात थे। घायलों का इलाज ऊधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल में चल रहा है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। यह हादसा एक बार फिर उन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों की याद दिलाता है जिनमें हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।
