CG Ration Card News गरीबी रेखा के खेल पर उठा बड़ा सवाल, सदन में ही क्यों घिरी सरकार?
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड की श्रेणी बदलने को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एपीएल राशनकार्ड को बीपीएल में बदले जाने का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है, जहां प्रश्नकाल के दौरान इसे लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
विधानसभा में भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर जिले में एपीएल कार्ड को बीपीएल में बदले जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में किसी भी राशनकार्ड के परिवर्तन से इनकार किया। हालांकि, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक सुशांत शुक्ला ने 19 राशनकार्डों के बदले जाने का दावा करते हुए एफआईआर की प्रति सदन के पटल पर रखने की बात कही।
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब सत्तापक्ष के ही कई वरिष्ठ विधायक आधे घंटे की चर्चा की मांग करते नजर आए। अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला ने एकमत होकर सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की आवश्यकता बताई। सुशांत शुक्ला ने विधायकों की समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की, जबकि अजय चंद्राकर ने राशनकार्ड के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की मांग कर दी।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सत्तापक्ष के विधायक ही भ्रष्टाचार से परेशान होकर अपनी ही सरकार को घेर रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा करार दिया।
प्रदेश के कई इलाकों से लगातार राशनकार्ड की श्रेणी बदले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पहले भी विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर एपीएल कार्ड बीपीएल में कैसे बदले जा रहे हैं और इसके पीछे जिम्मेदार कौन है। जब सत्तापक्ष के विधायक ही सवाल उठा रहे हों, तो मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग और भी जरूरी हो जाती है।
